Suvangi Pradhan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काव्यात्मक अंदाज़ में एक विशेष चिट्ठी लिखकर संगीतकार पलाश मुछाल और भारतीय क्रिकेट टीम की स्टार बैटर स्मृति मंधाना को शुभकामनाएं दीं। इस चिट्ठी में उन्होंने न सिर्फ दोनों के प्रति सम्मान और स्नेह प्रकट किया, बल्कि “जीवन नामक खेल” में दोनों को विजेता बनने की कामना भी की।
लोग इस चिट्ठी को नेतृत्व की संवेदनशील शैली और युवा प्रतिभाओं के प्रति सम्मान का उदाहरण बता रहे हैं।
चिट्ठी में पीएम मोदी ने लिखा कि चाहे सुरों की दुनिया हो या मैदान का रोमांच—लगन, अनुशासन और सकारात्मकता ही असली ताकत होती है। उन्होंने पलाश मुछाल की युवाओं में लोकप्रियता और संगीत के प्रति समर्पण की सराहना की, वहीं स्मृति मंधाना को भारतीय क्रिकेट की प्रेरणादायी धुन बताते हुए उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा की।
मोदी ने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी दोनों देश का नाम रोशन करते रहेंगे
प्रधानमंत्री ने अपनी चिट्ठी में कहा, सुरों और स्पोर्ट्स का संगम जीवन को नई दिशा देता है। आप दोनों अपने-अपने क्षेत्र में जो रोशनी बिखेर रहे हैं, वह देश के युवा मन को नई उड़ान देती है। इस काव्यमयी संदेश में पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि देश की नई पीढ़ी ऐसे ही प्रतिभाशाली चेहरों को अपना रोल मॉडल मानती है, जो मेहनत और संवेदनशीलता दोनों को साथ लेकर चलते हैं। उन्होंने यह आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भी दोनों देश का नाम रोशन करते रहेंगे और अपनी सृजनात्मक ऊर्जा को समाज के हित में लगाते रहेंगे।
प्रधानमंत्री की यह कवितामयी चिट्ठी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है
पलाश मुछाल ने प्रधानमंत्री की चिट्ठी को प्रेरणादायी उपहार बताया, जबकि स्मृति मंधाना ने इसे मन से लिखी, मन में उतर जाने वाली शुभकामना कहा। दोनों ने पीएम मोदी के संदेश के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि यह शब्द उनके लिए नई ऊर्जा लेकर आए हैं।
