Suvangi Pradhan: ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है…उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने एक नया ड्राफ्ट नियम तैयार किया है, जिसके तहत अब ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स को आसानी से पहचानना और खरीदना संभव होगा…
मंत्रालय का यह कदम मेक इन इंडिया जैसी पहलों को और मज़बूती देने की दिशा में देखा जा रहा है
नए नियमों के तहत, अमेज़न, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा जैसी सभी प्रमुख ई कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर स्पष्ट रूप से बताना होगा कि कोई उत्पाद भारत में बना है या आयातित है….ड्राफ्ट के मुताबिक, सभी ऑनलाइन रिटेल कंपनियों को अपने प्रोडक्ट पेज पर Country of Origin यानी उत्पाद का मूल देश प्रमुखता से दिखाना होगा…साथ ही, उपभोक्ताओं को अब Made in India टैग के आधार पर उत्पादों को फिल्टर या सर्च करने का विकल्प भी मिलेगा…इसका मतलब है कि अगर कोई ग्राहक सिर्फ भारतीय उत्पाद खरीदना चाहता है, तो वह सीधे Made in India सर्च करके अपनी पसंद के विकल्प चुन सकेगा…
आखिर क्या है सरकार का मुख्य उद्देश्य
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य घरेलू निर्माताओं और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना है, ताकि भारतीय उत्पादों की दृश्यता और बिक्री दोनों बढ़ें…सरकार का मानना है कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी देकर उन्हें लोकल उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जा सकता है…
मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट पर आमंत्रित की हैं सार्वजनिक टिप्पणियां
उपभोक्ता संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया है…उनका कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों को सही जानकारी मिलेगी…वहीं, कुछ ई-कॉमर्स कंपनियों ने सुझाव दिया है कि इस नियम को लागू करने के लिए उन्हें कुछ समय दिया जाए, ताकि उनके तकनीकी सिस्टम में जरूरी बदलाव किए जा सकें…मंत्रालय ने इस ड्राफ्ट पर सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं… इच्छुक लोग अगले 30 दिनों तक अपने सुझाव मंत्रालय की वेबसाइट पर दे सकते हैं…इसके बाद नियम को अंतिम रूप दिया जाएगा…अगर यह नियम लागू होता है, तो यह न सिर्फ उपभोक्ताओं को जानकारी से सशक्त करेगा बल्कि मेड इन इंडिया ब्रांड की पहचान को भी वैश्विक स्तर पर मजबूत करने में मदद करेगा..
