Suvangi Pradhan: अगले वर्ष होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियाँ हरिद्वार में अब पूरी रफ़्तार पकड़ चुकी हैं। मेला शुरू होने में अभी लगभग 11 महीने का समय बाकी है, लेकिन उससे पहले ही हरिद्वार शहर का रंग-रूप बदलने की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। इसके तहत प्रमुख सड़कें, घाटों के आसपास की दीवारें, सरकारी भवनों के फ्रंट, स्ट्रीट लाइट पोल और बस स्टैंड सहित कई सार्वजनिक स्थानों को गुलाबी रंग से पेंट किया जा रहा है।


प्रशासन ने इस बार शहर को गुलाबी थीम में सजाने का निर्णय लिया
अधिकारियों का कहना है कि हरिद्वार को एक यूनिफॉर्म थीम सिटी के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, ताकि अर्धकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को एक सौंदर्यपूर्ण और व्यवस्थित माहौल मिल सके। इसी क्रम में शहर की दुकानों के साइन बोर्ड भी एक जैसे डिज़ाइन में तैयार किए जा रहे हैं। दुकानों के लिए निर्धारित फॉन्ट, साइज और रंग तय कर दिए गए हैं, ताकि पूरे शहर में एकरूपता दिखाई दे। व्यापारियों से परामर्श कर उन्हें नए साइन बोर्ड लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।


अर्धकुंभ के दौरान हरिद्वार में देश-विदेश से करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं
सबसे खास बात यह है कि इस व्यापक सौंदर्यीकरण अभियान पर आने वाला अधिकांश खर्च प्राइवेट कंपनियों द्वारा वहन किया जा रहा है। शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग से जुड़े कई कॉर्पोरेट समूहों ने सीएसआर के तहत सहयोग देने की घोषणा की है। इसके चलते प्रशासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और काम भी तेज़ी से पूरा किया जा सकेगा। गुलाबी थीम को इसलिए चुना गया है, क्योंकि यह रंग सौहार्द, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है


स्थानीय निवासियों और व्यापारियों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है
कई लोग मानते हैं कि यदि शहर सुंदर और व्यवस्थित दिखेगा तो पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और कारोबार पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। आने वाले महीनों में सड़क चौड़ीकरण, पार्किंग जोन, घाटों के सौंदर्यीकरण और यातायात प्रबंधन जैसे कई अन्य कार्य भी तेजी से पूरे किए जाएंगे। अर्धकुंभ 2026 में है, लेकिन हरिद्वार अभी से ही नए रूप में नज़र आने लगा है, और आने वाले महीनों में इसका गुलाबी नजारा और भी आकर्षक हो जाएगा।

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