कामना कासोटिया भोपाल:

जननीति की नई जीत: पनागर से फिर से विधायक बने सुशील कुमार तिवारी

पनागर (जबलपुर), 3 दिसंबर 2023 — भाजपा के सुशील कुमार तिवारी ‘इन्दु भैया’ ने पनागर विधानसभा क्षेत्र में तीसरी बार जीत दर्ज की है। इस बार उन्होंने इंडियन न्यू कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार राजेश पटेल को भारी वोटों से पराजित करते हुए विश्वास का बहुमत हासिल किया।

वोटों की गणना और बढ़त

  • सुशील कुमार तिवारी को कुल 1,19,071 वोट मिले।
  • राजेश पटेल (कांग्रेस) को मिले 78,530 वोट।
  • सेफ जीत की बढ़त बनी 40,541 वोटों की।
  • तिवारी का वोट प्रतिशत करीब 57.33% रहा जबकि प्रतिद्वंद्वी को मिला लगभग 37.81% मत।

इस प्रकार जनता ने उन्हें स्पष्ट जनादेश दिया है।

राजनीतिक जीवन और पृष्ठभूमि

सुशील कुमार तिवारी का जन्म 30 जून 1959 को हुआ।
पति-माता किसान परिवेश से, उन्होंने कृषि और जन‑सेवा को अपना क्षेत्र बनाया। शिक्षा में उन्होंने बी.कॉम की उपाधि प्राप्त की है।

उनका राजनीतिक सफर छात्र राजनीति (ABVP) से शुरू हुआ और 1985 में उन्होंने भाजपा जॉइन की।

वह 2013 से लगातार पनागर से विधायक हैं – 2013, 2018 और अब 2023 में जीते।

विकास कार्य और उपलब्धियाँ

लोगों के सामने आई गरिमा और जीवन स्तर सुधारने के लिए तिवारी ने कई तरह के विकास‑कार्य कराए हैं। नीचे कुछ प्रमुख काम:

  1. समाज सेवा अभियान
    तिवारी ने ‘नेत्र ज्योति रथ’ नामक पहल चलाई है, जिससे गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को आँखों की मुफ्त जाँच एवं ऑपरेशन जैसी सेवाएँ मिलें।
  2. शिक्षा एवं अवसंरचना सुधार
    सरकारी स्कूलों में सुविधाएँ बढ़ाने की कोशिश की है — स्कूलों की इमारतों का जीर्ण‑शीर्ण भाग सुधारना, विद्यालयों में पानी‑सफाई आदि की व्यवस्था करना शामिल है। (हालाँकि सार्वजनिक रिपोर्टों में हर एक स्कूल का नाम नहीं मिलता।)
  3. ग्रामीण एवं कृषि विकास
    कृषि क्षेत्र से आने वाले तिवारी ने किसानों, कृषि उपज मंडियाँ इत्यादि से जुड़े मामलों में पहल की है। खेतों के लिए सड़क, पानी व सिंचाई की सुविधाएँ बढ़ाने के अनुरोध उन्होंने उठाए हैं।
  4. लोकल कल्याण गतिविधियाँ
    लोगों की जनसंख्या, स्वास्थ्य, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) आदि में पारदर्शिता और सुविधा की मांग रही है, तथा कई लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का काम हुआ है।
  5. निर्वाचन जीवन से पहले से अब तक काम की निरंतरता
    2005‑2011 के बीच कृषि उपज मंडी, जनपदेय समिति, कॉलेजों आदि में जिम्मेदारियाँ निभाई।
    2013 से फिर विधायक बनने के बाद समाज सेवा, लोक कल्याण और चुनौतिपूर्ण क्षेत्रीय एजेंडों पर सक्रिय रहे।

चुनौतियाँ और आलोचनाएँ

हर राजनीतिक जीवन की तरह तिवारी के सामने भी कुछ मुद्दे रहे हैं:

  • कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि समर्थक ‪प्रॉमिस किए गए पट्टों और पीएम आवास जैसी योजनाओं में अनियमितताएँ हुई हैं।
  • पीडीएस (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ आरोप लगाए थे, जिन्हें तिवारी ने खारिज किया है और मानहानि नोटिस भी भेजा है।

भविष्य का रास्ता

विजय की स्थिति में अब तिवारी के लिए अपेक्षाएँ भी बढ़ गई हैं। जनता यह देखना चाहती है कि सड़क, पानी, अस्पताल, विद्यालय, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ कितनी सुधरती हैं। साथ ही भ्रष्टाचार एवं योजनाओं की पारदर्शिता पर जनता की निगाह रहेगी।

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