कामना कासोटिया भोपाल:

डॉ. प्रभुराम चौधरी का नाम मध्य प्रदेश की राजनीति में एक जाना‑पहचाना चेहरा है। यह राजनीति और सेवा का ऐसा संगम है, जो सांची क्षेत्र की जनता के बीच विश्वास और अपेक्षाएँ जगाता है। वर्ष 1958 में 15 जुलाई को जन्मे चौधरी जी का जनम स्थान ग्राम माला, जिला रायसेन है। प्रारंभ से ग्रामीण परिवेश में पले‑बढे, उन्होंने अपने करियर में राजनीति तथा समाज सेवा को जोड़ा।

उनकी शिक्षा एम. बी. ए., एम. एस. तक है। स्वाभाविक रूप से कृषि, व्यवसाय एवं सामाजिक सेवा में उन्होंने वर्षों काम किया। राजनीति में आने से पहले वे सामाजिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे।

राजनीतिक सफर और चुनावी जीतें

चौधरी जी ने पहली बार विधान सभा सदस्य के रूप में चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में डॉ. प्रभुराम चौधरी को 1,22,960 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी डॉ. जी. सी. गौतम (कांग्रेस) को 44,273 वोटों से मात दी।
उनका वोट प्रतिशत लगभग 59.45% रहा, जबकि प्रतिद्वंदी को लगभग 38.05% वोट मिले।

पहले 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार मुदित शेजवार को 89,567 वोटों से हरा कर जीत हासिल की थी। उस बार जीत का अंतर 10,813 वोट रहा था।

2020 में हुए उपचुनाव (by‑election) में भी वे पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे और बड़ी जीत हासिल की।

इस प्रकार, वर्ष 2023 में चौधरी जी अपनी सीट तीसरी बार सफलतापूर्वक जीतने में सफल रहे।

मंत्री पद एवं विकास कार्य

भाजपा सरकार बनने पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग सहित लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण और कल्याण विभाग की ज़िम्मेदारी मिली।

उनके कार्यकाल में प्रमुख विकास एवं स्वास्थ्य संबंधी उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं:

  • जेपी अस्पताल, भोपाल में 18 बेड वाला विशेष ICU वार्ड खोला गया। इस वार्ड में High Pressure ऑक्सीजन सुविधा और मॉनिटरिंग की व्यवस्था है।
  • अस्पताल में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन टैंक का उद्घाटन किया गया, जिससे लगभग 400 जंबो सिलेंडर के बराबर ऑक्सीजन स्टोर हो सकती है।
  • प्रदेश के सभी जिलों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट लगाने की पहल की गई ताकि शुद्ध और आवश्यक ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
  • योग और ध्यान केंद्र (कायाकल्प केंद्र) की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य कोविड‑काल के तनाव एवं शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मानसिक एवं शारीरिक संतुलन बनाए रखना है।
  • अन्य जिलों में भी उन्होंने वर्चुअल संवाद (डायालॉग) आयोजित किए, जैसे रतलाम एवं सीधी जिलों में डॉक्टरों और मरीजों से ऑनलाइन संवाद।
  • उनके मार्गदर्शन में कई करोड़ों की विकास योजनाएँ लोकार्पित और भूमिपूजन की गईं, जैसे कि पूर्व विधायक प्रेम सिंह दत्तीगांव की जयंती कार्यक्रम में।

इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना, चिकित्सा सुविधाओं को सुधारना और जनता तक बेहतर सेवा पहुँचाना रहा है।

जनता से जुड़ाव और छवि

डॉ. प्रभुराम चौधरी की छवि एक सक्रिय और जनता की आवाज़ को समझने वाले नेता की है। सांची क्षेत्र में उनकी घरेलू और सामाजिक जड़ें गहरी हैं। वे कहते हैं कि उन्हें 35 वर्षों से क्षेत्र की जनता से पारिवारिक संबंध है।

चुनाव अभियान में वे क्षेत्र‑वार जनता से मुलाकात करते हैं, समस्याएँ सुनते हैं और उनसे संवाद करते हैं। उनकी पहलें स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक कल्याण को लेकर सक्रिय रही हैं।

चुनौतियाँ एवं अपेक्षाएँ

जब कोई नेता लगातार चुनौतियों में भी जनता की सेवा करता है, तो जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ जाती हैं। चिकित्सा सुविधाओं की कमी, दूरदराज इलाकों की सड़कों, पानी–बिजली की समस्या, शिक्षा संस्थानों की स्थिति, कृषि सहायता आदि प्राथमिक मांग रहती हैं।
चौधरी जी की यह चुनौती है कि वे इन अपेक्षाओं को पूरा करें और विकास की रफ्तार को और तेज करें।

डॉ. प्रभुराम चौधरी का राजनीतिक जीवन, स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उनके कार्य और क्षेत्रीय विकास के अभियान यह सब इस बात के द्योतक हैं कि वे केवल एक विधायक नहीं, बल्कि सेवा और परिवर्तन की अपनी सोच को मैदान में उतारने वाले नेता हैं।
2023 के चुनाव में 44,273 वोटों की बड़ी जीत और जनता की बढ़ती अपेक्षाएँ उन्हें और भी बड़ी ज़िम्मेदारी देती हैं। अब यह जनता की निगाह है कि आने वाले वर्षों में वे स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढाँचे, कृषि एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में और कौन सी नई उपलब्धियाँ दर्ज कराते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *