कामना कासोटिया भोपाल:

श्री मधु भगत — परसवाड़ा की नई उम्मीद

परसवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र जिला बालाघाट, मध्य प्रदेश से भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (INC) के श्री मधु भगत हैं। उनका जन्म 6 अक्टूबर 1965 को सिसवन (मनियावा/सिसवानी) नामक स्थान पर हुआ। पिता स्व. राम दयाल भगत थे। व्यवसाय से कृषि कार्य से जुड़े हैं, और सामाजिक सेवा उनके जीवन का मूल अंग रही है। उनकी शिक्षा ‘हायर सेकेंडरी’ तक है। विवाहित हैं, पत्नी का नाम भावना भगत है, एवं एक पुत्र एवं एक पुत्री है।

मधु भगत ने पहली बार 2013 में परसवाड़ा विधानसभा का सदस्य चुने गए थे। इसके बाद 2023 में फिर से चुनाव लड़कर वो जीत दर्ज की।

चुनावी लड़ाई: कितने वोट से जीते, किसको हराया

विधानसभा चुनाव 2023 में, मधु भगत (INC) ने कुल 100,992 वोट प्राप्त किये।

बीजेपी के प्रत्याशी राम किशोर (नैनो) कवरे को मिले 75,044 वोट थे।

इस प्रकार, मधु भगत ने 25,948 वोटों के अन्तर से जीत हासिल की।

वोट प्रतिशत की बात करें तो मधु भगत को लगभग 51.81% वोट मिले और राम किशोर को लगभग 38.50% वोट प्राप्त हुए। अन्य प्रत्याशियों में GGP के कंकर मุนजारे ने करीब 6.95% वोट प्राप्त किये।

इस तरह इस चुनाव में मुकाबला व्यापक था, जनता ने स्पष्ट बहुमत के साथ कांग्रेस उम्मीदवार को चुना।

विकास कार्य एवं जनता के बीच उनकी पहचान

जहाँ तक सार्वजनिक स्रोतों से पता चलता है, मधु भगत या उनके क्षेत्र के लिए कुछ विकासात्मक काम इस प्रकार के हैं:

  1. ग्रामीण संपर्क मार्ग और सड़क सुधार
    परसवाड़ा क्षेत्र में सड़क नेटवर्क बेहतर बनाने की मांग रही है। स्थानीय सड़कों की मरम्मत, गाँवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाले रास्तों का पक्का होना जनता की अनिवार्य अपेक्षा रही है। सांसद/विधायक स्तर पर ऐसी योजनाओं पर काम हुआ है (मार्ग सुधार, गड्ढा भराव आदि)।
  2. पानी की व्यवस्था
    पानी की आपूर्ति, विशेष-कर पीने के पानी की सुविधा, वर्षा जल संचयन व नल-जल मुहैया करवाने की योजनाएँ क्षेत्र में प्रस्तावित या लागू हुई हैं। गाँवों में पानी की टैंकर सेवा या बढ़ी हुई नल-जल पहुँच की सूचना मिली है।
  3. स्वास्थ्य एवं शिक्षा
    प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों/स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है, स्कूलों की बेसिक सुविधाएँ सुधारने की पहल हुई है — विद्यालय भवनों की मरम्मत, स्कूलों में बिजली / पानी की सुविधा बेहतर करना आदि।
  4. कृषि एवं किसानों को सहायता
    कृषकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, कृषि उपकरण या बीज/उर्वरक सहायता देने, सिंचाई संबंधी ज़रूरतें पूरी करने की बात सामने आई है।
  5. स्थानीय योजनाएँ एवं कल्याण
    पंचायत स्तर पर विकास, स्वच्छता, नालियों / जल निकासी व्यवस्था, ग्रामीण सडक-पुल आदि की मरम्मत, शौचालय निर्माण जैसे बुनियादी सुधार कार्यों की पहल हुई है।

चुनौतियाँ और जनता की अपेक्षाएँ

हालाँकि मधु भगत ने बड़ी जीत दर्ज की है और विकास कार्य शुरू हुए हैं, परसवाड़ा क्षेत्र की जनता अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रही है:

  • सड़कें कई जगह टूटी-फूटी हैं, बारिश में संपर्क बाधित होता है।
  • स्वास्थ्य सुविधाएँ सीमित हैं; अस्पतल/स्वास्थ्य केंद्रों में वैद्यकीय उपकरण, डॉक्टरों की कमी और दवाओं की अनुपस्थिति की शिकायतें हैं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की कमी, स्कूलों की स्थिति, अध्यापकों की संख्या, छात्र-छात्राओं की सुविधाएँ और प्रतिष्ठा बढ़ाने की आवश्यकता है।
  • बिजली कटौती और पानी की गुणवत्ता भी निरन्तर चिंता का विषय है।

भविष्य की दिशा

अब जनता की उम्मीद ये है कि मधु भगत:

  • आगामी समय में जलापूर्ति परियोजनाएँ पूरी करें, विशेषकर कठिन-से-कठिन गांवों में।
  • कृषि के लिए सिंचाई सुविधा और सहायक योजनाएँ तेजी से लागू हों।
  • स्वास्थ्य केंद्रों का आधुनिकीकरण हो; नई स्वास्थ्य सुविधाएँ और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
  • शिक्षा में सुधार: स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, पुस्तकालय, बेहतर शिक्षकों के साथ बेहतर व्यवस्था।
  • स्थाई बुनियादी आराम जैसे सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता आदि में उपयुक्त निवेश हो।
  • जनसंवाद बढ़े — गाँवों में जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएँ सुनें, उनके सुझावों को परियोजनाओं में शामिल करें।

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