राजनीतिक सफर :
रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल। सुरेश राजे का राजनीतिक जीवन 2020 से शुरू हुआ। नवंबर 2020 के उपचुनाव में उन्होंने डबरा विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा।
इस चुनाव में उनका मुकाबला भाजपा की इमरती देवी से हुआ और वे जीतकर पहली बार विधायक बने। 28 दिसम्बर 2020 को उन्होंने विधायक पद की शपथ ली।
इसके बाद वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने दोबारा डबरा सीट से चुनाव लड़ा। इस बार भी उनका मुकाबला भाजपा की इमरती देवी से हुआ। जनता ने उन पर भरोसा जताया और वे दूसरी बार विधायक निर्वाचित हुए।
विकास कार्य :
विधायक सुरेश राजे ने डबरा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, जलापूर्ति सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य किए। उन्होंने किसानों और छोटे व्यापारियों की समस्याओं को विधानसभा में उठाया और क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया।
परिवारिक पृष्ठभूमि :
सुरेश राजे का जन्म 18 दिसम्बर 1960 को ग्वालियर जिले के डबरा में हुआ। उनके पिता का नाम स्व. श्री दयाराम राजे है। पत्नी श्रीमती हरिबाई राजे के साथ वे एक पुत्र और दो पुत्रियों के पिता हैं।
सुरेश राजे का मानना है कि राजनीति का असली उद्देश्य जनहित के कार्य करना है और इसी सोच के साथ वे लगातार अपने क्षेत्र की जनता के बीच सक्रिय रहते हैं।
