कामना कासोटिया भोपाल:
वारासिवनी से निकले नए सितारे — विवेक “विकी” पटेल
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में वारासिवनी सीट पर जो नज़ारा देखने को मिला, उसने पूरे जिले की राजनीति में हलचल मचा दी। कांग्रेस प्रत्याशी विवेक “विकी” पटेल ने भाजपा के दिग्गज नेता प्रदीप अमरतलाल जायसवाल (गुड्डा) को मात्र 1,003 वोटों के बेहद छोटे अंतर से हराकर इतिहास रच दिया।
विवेक पटेल को मिले 79,597 वोट, जबकि गुड्डा जायसवाल को हासिल हुए 78,594 वोट। नतीजे घोषित होते ही वारासिवनी की जनता में जश्न का माहौल था और पूरे क्षेत्र में ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी।
नगर से विधानसभा तक का सफर
विकी पटेल का जन्म 24 नवंबर 1970 को गोंदिया में हुआ। पिता स्व. एल.डी. पटेल के आदर्शों से प्रेरित होकर वे बचपन से ही सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। एम.ए., एल.एल.बी की पढ़ाई के बाद उन्होंने अधिवक्ता के रूप में समाजसेवा का रास्ता चुना।
1999 से 2004 तक वे नगर पालिका परिषद वारासिवनी के उपाध्यक्ष रहे। इसके बाद 2004 से 2018 तक नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई। वहीं 2014 से 2019 तक नगर पालिका परिषद वारासिवनी के अध्यक्ष भी रहे। जनता से सीधा संवाद और जमीनी कामों ने ही उन्हें विधायक की कुर्सी तक पहुंचाया।
जीत के मायने और जनता की उम्मीदें
इतने करीबी अंतर से मिली जीत साफ़ इशारा करती है कि वारासिवनी की जनता ने परिवर्तन का मन बनाया है। जनता अब उम्मीद लगाए बैठी है कि विकी पटेल अपने चुनावी वायदों को जल्द अमलीजामा पहनाएँगे।
- सड़क और पुल-पुलिया – बरसात के मौसम में टूटे रास्ते और कीचड़ वारासिवनी की सबसे बड़ी समस्या हैं। जनता चाहती है कि इन पर ठोस काम हो।
- पेयजल और बिजली – नल-जल योजना और लगातार बिजली कटौती पर अंकुश लगाने की माँग ज़ोरों पर है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य – ग्रामीण स्कूलों की हालत सुधारना, बेहतर स्वास्थ्य केंद्र खोलना और डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना बड़े एजेंडे हैं।
- स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएँ – नालियों की सफाई, कचरा प्रबंधन और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत ज़रूरतें जनता बार-बार उठाती रही है।
चुनौती बड़ी, लेकिन हौसला और बड़ा
इतिहास गवाह है कि छोटी जीतें बड़ी जिम्मेदारियाँ लेकर आती हैं। 1,003 वोटों के मामूली अंतर ने विकी पटेल के लिए एक ओर जहाँ नई राह खोली है, वहीं उनकी परीक्षा भी शुरू कर दी है। अब जनता उनसे सिर्फ़ वादे नहीं, बल्कि ज़मीनी बदलाव देखना चाहती है।
कांग्रेस खेमे में यह जीत उत्साह का संचार कर चुकी है। अब देखना होगा कि विकी पटेल इस उत्साह को जनता के विकास में कैसे बदलते हैं।
वारासिवनी की जनता ने पहली बार विवेक “विकी” पटेल को विधायक चुना है। जनता का फैसला साफ है अब समय है नई सोच, नए विकास और नई राजनीति का।
