रोहित रजक रिपोर्ट भोपाल:

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

ऋषि अग्रवाल का जन्म वर्ष 1981 के आसपास हुआ। उनके पिता का नाम कान्हैयालाल अग्रवाल है।
उन्होंने उच्च शिक्षा तकनीकी क्षेत्र से प्राप्त की –

बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग (B.E.) – RKDF इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल (2002)

एम.टेक. (M.Tech) – मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल (MANIT)

शिक्षा पूरी करने के बाद वे कॉन्ट्रैक्टर, कृषि और व्यापार से जुड़े रहे।


राजनीतिक सफर

बाँमोरी विधानसभा क्षेत्र का गठन 2008 में हुआ था। इस क्षेत्र में लंबे समय तक महेंद्र सिंह सिसोदिया (पहले कांग्रेस, बाद में भाजपा) का प्रभाव रहा।

ऋषि अग्रवाल कांग्रेस संगठन से जुड़े और पहली बार विधानसभा चुनाव में बड़ी पहचान के साथ सामने आए। उनका राजनीतिक सफर कांग्रेस के स्थानीय कार्यों और जनता से जुड़ाव पर आधारित रहा है।


विधानसभा चुनाव 2023

पार्टी: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

क्षेत्र: बाँमोरी (जिला गुना)

मुख्य प्रतिद्वंदी: महेंद्र सिंह सिसोदिया (भाजपा)

परिणाम:

ऋषि अग्रवाल (कांग्रेस) – 93,708 वोट (51.19%)

महेंद्र सिंह सिसोदिया (भाजपा) – 78,912 वोट (43.11%)

जीत का अंतर: 14,796 वोटों से कांग्रेस ने बड़ी जीत दर्ज की।

यह जीत कांग्रेस के लिए महत्त्वपूर्ण रही क्योंकि बाँमोरी सीट पहले भाजपा के पास थी।


विरोधियों से मुकाबला

महेंद्र सिंह सिसोदिया इस क्षेत्र में पुराने और मज़बूत नेता रहे हैं।

2013 और 2018 में वे कांग्रेस से विधायक बने।

2020 में राजनीतिक घटनाक्रम (ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ) के बाद वे भाजपा में शामिल हो गए।

2023 में भाजपा प्रत्याशी बनकर लड़े, लेकिन ऋषि अग्रवाल ने उन्हें हराकर सीट वापस कांग्रेस को दिलाई।


विकास कार्य और जनता से जुड़ाव

हालाँकि अभी विधायक बने हुए उन्हें ज़्यादा समय नहीं हुआ है, लेकिन उन्होंने अपने चुनाव प्रचार और घोषणापत्र में कुछ मुख्य प्राथमिकताओं को रखा:

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी और बिजली की समस्या दूर करना।

बाँमोरी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना।

किसानों और मज़दूरों के लिए कृषि सहायता और रोजगार के अवसर बढ़ाना।

युवाओं के लिए शिक्षा एवं खेलकूद गतिविधियों को प्रोत्साहित करना।

विधायक बनने के बाद से वे स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याएँ सुनने और प्रशासन तक पहुँचाने में सक्रिय हैं।


ऋषि अग्रवाल का राजनीतिक सफर अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन बाँमोरी जैसे महत्त्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के दिग्गज नेता को हराकर उन्होंने कांग्रेस की वापसी सुनिश्चित की। उनकी तकनीकी शिक्षा और स्थानीय जुड़ाव उन्हें एक युवा, पढ़े-लिखे और विकास उन्मुख नेता के रूप में स्थापित करता है।

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