कामना कासोटिया भोपाल:

जनसेवा को समर्पित जननायक – ओमकार सिंह मरकाम

मध्यप्रदेश के डिंडौरी विधानसभा क्षेत्र (104) से चौथी बार निर्वाचित विधायक बने ओमकार सिंह मरकाम आज एक ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी ज़मीन से जुड़े रहकर समाज की सेवा की है। किसानों के बेटे और एक साधारण परिवार से निकलकर राजनीति के शिखर तक पहुँचे मरकाम जी ने हमेशा गरीबों, वंचितों और आदिवासी समाज के उत्थान को अपना ध्येय बनाया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

ओमकार सिंह मरकाम का जन्म 2 मई 1976 को ग्राम नरई, जिला डिंडौरी में हुआ। उनके पिता स्व. नमूर सिंह मरकाम साधारण किसान थे। पारिवारिक परिस्थितियों ने उन्हें संघर्षशील बनाया। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर (एम.ए.) की शिक्षा प्राप्त की। युवावस्था से ही वे सामाजिक कार्यों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समाज सुधार के कार्यों में सक्रिय रहे।

राजनीतिक सफर की शुरुआत

मरकाम जी ने वर्ष 1996 में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस समिति, बरगी जिला डिंडौरी के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यों की शुरुआत की। इसके बाद 1998-2002 तक वे जिला पंचायत डिंडौरी के सदस्य रहे। 2003 से उनका राजनीतिक करियर और तेज़ी से आगे बढ़ा, जब वे म.प्र. युवा कांग्रेस के सचिव बने।

2008 में उन्हें युवा कांग्रेस डिंडौरी का जिला अध्यक्ष बनाया गया। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए कई अभियानों में भाग लिया और आदिवासी समाज की आवाज़ को मज़बूती से उठाया।

विधानसभा चुनाव और जीत

ओमकार सिंह मरकाम ने पहली बार 2008 में डिंडौरी से विधायक चुनाव जीता। इसके बाद 2013, 2018 और 2023 में लगातार जीत दर्ज कर चौथी बार जनता ने उन्हें विधानसभा भेजा।

  • 2008 में उन्होंने भारी मतों से जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को हराया।
  • 2013 और 2018 में भी मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया और उन्हें पुनः विजयी बनाया।
  • वर्ष 2023 में भी उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को पराजित कर शानदार जीत हासिल की। इस चुनाव में वे लगभग 25,000 से अधिक वोटों के अंतर से विजयी रहे।

विकास कार्य

मरकाम जी ने अपने कार्यकाल में डिंडौरी जिले के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया।

  1. शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने कई प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों का उन्नयन करवाया।
  2. आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रावास और कन्या छात्रावासों की स्थापना की।
  3. सड़कों और पुलों के निर्माण से गाँवों को बेहतर संपर्क मार्गों से जोड़ा।
  4. पेयजल और सिंचाई की योजनाओं को लागू कर किसानों की बड़ी समस्या को दूर किया।
  5. स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत करने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को नई सुविधाओं से जोड़ा।
  6. युवाओं के लिए खेलकूद और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करवाए।

जनता से गहरा जुड़ाव

ओमकार सिंह मरकाम की सबसे बड़ी ताकत उनका जनता से सीधा जुड़ाव है। वे हमेशा अपने विधानसभा क्षेत्र के हर गाँव और कस्बे में पहुँचते हैं और लोगों की समस्याएँ सुनते हैं। उन्होंने कई बार कहा है – राजनीति मेरे लिए पद पाने का साधन नहीं, बल्कि लोगों की सेवा करने का अवसर है।”

आज डिंडौरी की जनता ओमकार सिंह मरकाम को केवल विधायक ही नहीं, बल्कि अपना सेवक मानती है। चार बार लगातार जीत उनकी लोकप्रियता और जनता के विश्वास की गवाही है। आने वाले समय में उनसे लोगों की अपेक्षाएँ और भी बढ़ी हैं, और मरकाम जी स्वयं भी कहते हैं कि उनका हर प्रयास आदिवासी अंचल के विकास, शिक्षा के प्रसार और बेरोजगार युवाओं को अवसर देने की दिशा में रहेगा।

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