कामना कासोटिया भोपाल:
बालघाट से ऊँचे राजनीतिक आरोहण का सफर
श्री संजय उमके का जन्म 22 फरवरी 1968 को ग्राम-भिमजोड़ी, बालाघाट (मध्य प्रदेश) में हुआ। उनके पिता स्व. गणपत सिंह उमके थे। उन्होंने एम.ए. (एम॰ए॰) की शिक्षा हासिल की है। विवाहिता स्थिति ‘विवाहित’ है, पत्नी का नाम श्रीमती उज्मिला उमके है, और उनके दो पुत्रियाँ हैं। वर्तमान समय में उनकी स्थायी पता ग्राम-भिमजोड़ी, पोस्ट एवं तहसील कोईसा, जिला बालाघाट (म.प्र.) है।
राजनीतिक पारी
- 2013 में संजय उमके पहली बार विधान सभा सदस्य निर्वाचित हुए।
- इसके बाद, उन्होंने कई समितियों में काम किया — अनुदानित योजनाओं, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधित समितियों में सदस्य रहे।
- फिर 2018 में दुबारा विधायक बने।
- 2023 में तीसरी बार विधायक पद पर कब्ज़ा किया।
विकास कार्य और जनता के लिए पहलें
श्री उमके ने अपने क्षेत्र बालाघाट व आसपास के इलाकों में निम्नलिखित विकास कार्य कराए/शुरू करवाए हैं:
- कृषि को बढ़ावा — कृषि से जुड़े किसानों की मदद की गई, जैसे सिंचाई सुविधाएँ, किसान कल्याण योजनाएं।
- खेहुंद का अवलंब — स्थानीय खेत, पशुपालन व कृषि बुनियादी ढांचे पर ध्यान दिया गया।
- सड़क एवं यातायात सुधार — गांवों को शहरों से जोड़ने वाले रास्तों को सुधारना, ग्रामीण सड़कों की मरम्मत एवं पक्की सड़क निर्माण।
- पानी एवं पीने की सुविधा — ग्रामवासियों के लिए स्वच्छ पानी की व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिशें।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ — सरकारी स्कूलों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार, नए क्लिनिक या प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना।
- स्थानीय विकास एवं रोजगार — मिनी उद्योगों, पारंपरिक हस्त शिल्प आदि के लिए संसाधन उपलब्ध करवाना, स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर तलाशने में सहायता करना।
चुनौतियाँ और उम्मीद
श्री संजय उमके का राजनीति में सफर आसान नहीं रहा। गाँव-गाँव में बुनियादी बुनियादी सुविधाएँ अभी भी कम हैं — बिजली कटाव, पानी की समस्या, सड़कें हर मौसम में बेहतर न होने जैसी समस्याएँ बनी हुई हैं। जनता की अपेक्षा है कि वे इन समस्याओं को तेजी से सुलझाएँ।
वहीँ, उमके की लोकप्रियता का कारण है जनता के बीच उनकी पहुँच — वे मिलते हैं, सुनते हैं, और जहाँ संभव हो सेवा करते हैं। गाँवों में आयोजन, ग्रामसभा, जनता की समस्याएँ सुनने के लिए शिविर आयोजित करना, ये सभी बातें जनता के दिल में विश्वास जगाती हैं।
भविष्य की राह
आने वाले समय में उम्मीद की जाती है कि श्री उमके:
- आर्थिक विकास योजनाएँ और ज़्यादा लाएँ — जैसे कि ग्रामीण उद्योग, महिला स्व-सहायता समूह, छोटे व्यवसाय को बढ़ावा देना।
- संवहनीय बुनियादी ढांचे — सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा का स्तर अच्छी गुणवत्ता का हो।
- स्वच्छता और पर्यावरण — सफाई, कूड़ा प्रबंधन, पेड़-पौधे आदि के प्रति जागरूकता और पहल।
- युवा एवं सामाजिक कल्याण — युवाओं को प्रशिक्षण, खेल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के ज़रिये प्रेरणा देना।
