कामना कासोटिया भोपाल:

जनसेवा को समर्पित: जुन्नारदेव विधायक श्री सुनील उईके की विकास यात्रा

छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र (क्रमांक 122) से दो बार विधायक निर्वाचित हुए श्री सुनील उईके आज जनसेवा का एक सशक्त चेहरा बन चुके हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में श्री उईके ने अपने राजनैतिक जीवन की शुरुआत ज़मीन से की और आज लोगों की उम्मीद का नाम बन गए हैं।

व्यक्तिगत परिचय:

श्री सुनील उईके का जन्म 15 जनवरी 1976 को भीमसेन परसामिया गाँव में हुआ। उनके पिता श्री समर सिंह एक साधारण किसान थे, जिनसे उन्होंने ईमानदारी और परिश्रम की सीख ली। उन्होंने बी.कॉम तक शिक्षा प्राप्त की और फिर कृषि व व्यवसाय के क्षेत्र में कदम रखा। उनकी पत्नी श्रीमती रीता उईके भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं।

राजनीतिक सफर की शुरुआत:

सुनील उईके जी ने अपना राजनीतिक जीवन जनसेवा से शुरू किया। वे शुरू से ही ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर रहे हैं। साल 2018 में उन्होंने पहली बार जुन्नारदेव विधानसभा से चुनाव लड़ा और भाजपा प्रत्याशी को हराकर विधायक बने। वर्ष 2023 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की, जिसमें उन्होंने बीजेपी के प्रत्याशी को 25,436 वोटों से हराया, जो इस बात का प्रमाण है कि जनता का भरोसा उन पर पहले से और अधिक मजबूत हुआ है।

विकास कार्य और उपलब्धियाँ:

श्री उईके ने अपने कार्यकाल में क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  1. सड़क और परिवहन सुविधा का विस्तार:
    जुन्नारदेव क्षेत्र में कई वर्षों से खराब सड़कों की समस्या थी। विधायक बनने के बाद उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर सड़क निर्माण के लिए योजनाएँ स्वीकृत कराईं। ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली कई नई सड़कें बनीं जिससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान हुई।
  2. स्वास्थ्य सेवाओं का सुधार:
    उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का जीर्णोद्धार कराया और नए चिकित्सकों की नियुक्तियाँ सुनिश्चित कीं। कई गाँवों में मोबाइल हेल्थ वैन की व्यवस्था कराई, जिससे दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँच सकीं।
  3. शिक्षा क्षेत्र में सुधार:
    स्कूलों के भवनों का निर्माण व मरम्मत कराई गई। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई जिससे बच्चों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाई में मदद मिली।
  4. कृषि और किसानों के लिए योजनाएँ:
    चूँकि श्री उईके स्वयं किसान परिवार से आते हैं, वे किसानों की समस्याओं को गहराई से समझते हैं। उन्होंने सिंचाई के लिए बोरवेल और तालाब निर्माण के कार्यों को प्राथमिकता दी। फसल बीमा योजना के तहत लाभ दिलवाने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई।
  5. पेयजल व्यवस्था:
    गर्मियों में जल संकट से निपटने के लिए उन्होंने हैंडपंप और नलजल योजनाओं को गति दी, जिससे दर्जनों गाँवों को राहत मिली।

जनता से जुड़ाव:

श्री सुनील उईके का हमेशा से मानना रहा है कि “जनता ही जनार्दन है”। वे हर सप्ताह जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएँ सुनते हैं और उन्हें हल करने का प्रयास करते हैं। उनका स्थायी पता वार्ड नं. 2, चिल्लमढ रोड, तहसील जुन्नारदेव है, जहाँ वे आम लोगों से सहजता से मिलते हैं।

श्री सुनील उईके की राजनीति सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए है। उनकी लोकप्रियता और लगातार दूसरी बार मिली जीत यह साबित करती है कि जनता को उनके काम पर भरोसा है। वे न केवल एक नेता हैं, बल्कि लोगों के अपने “भाई साहब” हैं, जो हर सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं।

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