कामना कासोटिया भोपाल:

मध्यप्रदेश की राजनीति में एक समर्पित और जनसेवा के प्रतीक नेता के रूप में उभरे श्री संजय सत्येन्द्र पाठक का नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। कटनी जिले के विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र से पांचवीं बार विधायक चुने गए श्री पाठक ने राजनीति को एक सेवा का माध्यम बनाकर, समाज के हर वर्ग के लिए कार्य किया है।

व्यक्तिगत जीवन और प्रारंभिक यात्रा

श्री संजय सत्येन्द्र पाठक का जन्म 31 अक्टूबर 1970 को जबलपुर में हुआ था। उनके पिता श्री सत्येन्द्र पाठक भी एक समाजसेवी थे। श्री पाठक की शिक्षा स्नातकोत्तर (राजनीति) तक हुई और वे पेशे से कृषक हैं। उनकी पत्नी श्रीमती निधि पाठक हैं और उनके दो संतानें हैं — एक पुत्र और एक पुत्री।

संजय पाठक का झुकाव बचपन से ही समाजसेवा की ओर था। वर्ष 1989 से वे छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और 1991 में जिला युवक कांग्रेस ग्रामीण जिला जबलपुर के महामंत्री बने। 1996 में कटनी नगर पालिका में कांग्रेस के पार्षद और बाद में अध्यक्ष रहे।

राजनीतिक करियर में बड़ी छलांग

श्री पाठक वर्ष 2008 में पहली बार कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से विधायक बने। इसके बाद 2013 में वे दोबारा विधायक निर्वाचित हुए। हालांकि 2014 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया और उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर फिर से विधायक चुने गए।

2023 के विधानसभा चुनाव में श्री पाठक ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 35,482 वोटों से हराया, जो इस क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जाती है।

जनसेवा और विकास कार्य

श्री संजय पाठक ने अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य कराए हैं। वे गरीबों की सेवा, निर्धन कन्याओं के विवाह, जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, वृद्धजनों के लिए योजनाएं, वन भ्रमण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों में हमेशा अग्रणी रहे हैं।

कुछ प्रमुख विकास कार्यों में शामिल हैं:

  • सड़क निर्माण: क्षेत्र में 108 नई सड़कों का निर्माण कराया गया।
  • बिजली और पानी की व्यवस्था: ग्रामीण इलाकों में विद्युत आपूर्ति को सुधारा गया और पानी की टंकियां बनवाई गईं।
  • शिक्षा के क्षेत्र में सुधार: अनेक स्कूलों का जीर्णोद्धार हुआ, छात्रवृत्तियों की व्यवस्था की गई।
  • धार्मिक और पर्यटन विकास: उत्तर प्रदेश के अयोध्या मंदिर निर्माण में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई, चार धाम, 12 ज्योतिर्लिंग और अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया।

सम्मान और पुरस्कार

2013 में भारतीय छात्र संसद द्वारा “भारत के आइडियल युवा विधायक पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। उत्तराखंड में राहत कार्यों के दौरान सैकड़ों लोगों की जान बचाने पर राज्यपाल द्वारा सम्मान मिला।

जनता के बीच लोकप्रियता

श्री संजय पाठक का सबसे बड़ा गुण है कि वे हमेशा जनता के बीच रहते हैं। कोई भी समस्या हो, वे व्यक्तिगत रूप से मौके पर पहुंचते हैं और समाधान करवाते हैं। उनकी सक्रियता और जनसमर्पण ने उन्हें जनता के दिलों में एक भरोसेमंद नेता के रूप में स्थापित किया है।

विजयराघवगढ़ क्षेत्र के विकास और लोगों की भलाई के लिए संजय पाठक का योगदान अविस्मरणीय है। पांच बार विधायक बनने का गौरव प्राप्त कर चुके पाठक जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि जब इरादा सेवा का हो, तो राजनीति भी समाज निर्माण का सशक्त माध्यम बन सकती है। जनता उन्हें एक नेता नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह मानती है — यही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।

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