रोहित रजक रिपोर्ट भोपाल
शिक्षा
कैलाश कुशवाहा की शिक्षा इंटरमीडिएट (12वीं) तक हुई है। उन्होंने 1997 में भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल से 12वीं पास की। किसान और व्यवसायी परिवार से आने वाले कुशवाहा शुरू से ही सामाजिक कार्यों और जनसमस्याओं से जुड़े रहे।
राजनीतिक सफर
कैलाश कुशवाहा ने अपना राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी (BSP) से शुरू किया। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीएसपी प्रत्याशी के रूप में पोहरी सीट से चुनाव लड़ा। उस चुनाव में उन्हें लगभग 52,736 वोट मिले लेकिन वे करीब 7,918 वोटों से हार गए।
इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का दामन थामा और लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उनका कद बढ़ा और 2023 का चुनाव उन्होंने कांग्रेस की ओर से लड़ा।
चुनावी मुकाबले
2023 के विधानसभा चुनाव में कैलाश कुशवाहा का मुख्य मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार सुरेश धाकड़ (रन्थखेड़ा) से हुआ। इस बार जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। उन्हें कुल 99,739 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को लगभग 49,481 वोटों के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की।
विकास कार्य
विधायक बनने के बाद कैलाश कुशवाहा ने पोहरी क्षेत्र में कई मुद्दों पर काम किया है।
आदिवासी और किसानों की जमीन से जुड़े पट्टा निरस्त करने के मामले में उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और प्रभावित लोगों के साथ खड़े हुए।
सड़कों, पुल और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर विधानसभा और सड़क पर आवाज उठाई। गोदौलीपुरा पुल निर्माण में देरी से हुई मौत पर उन्होंने सरकार को घेरा और भेदभाव का आरोप लगाया।
पोहरी नगर परिषद और शिवपुरी नगर पालिका में भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया और जांच की मांग की।
युवाओं और मजदूर वर्ग की समस्याओं को भी उन्होंने कई बार विधानसभा में उठाया।
वर्तमान स्थिति
आज कैलाश कुशवाहा पोहरी से कांग्रेस विधायक हैं। वे अपनी सादगी, जनता के बीच सक्रियता और क्षेत्रीय मुद्दों पर मुखर रुख के लिए जाने जाते हैं।
