रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल:- शिक्षा व निजी जीवन
इंजीनियर हरिबाबू राय का जन्म 25 जनवरी 1960 को ग्राम बरौला, तहसील मुंगावली, जिला अशोक नगर में हुआ।
वे पेशे से सिविल इंजीनियर रहे हैं और बी.ई. (सिविल) की डिग्री रखते हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद इन्होंने सक्रिय रूप से सामाजिक सेवा और राजनीति में कदम रखा।
परिवार में पत्नी श्रीमती माया राय व दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
राजनीतिक सफर
हरिबाबू राय ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पहली बार सक्रिय रूप से चुनावी मैदान में कदम रखा।
वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के उम्मीदवार बने।
उन्होंने अशोक नगर (SC) विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा।
चुनावी मुकाबला
2023 में उनका मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार जजपाल सिंह “जज्जी” से हुआ।
मतगणना में हरिबाबू राय को 86,180 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंदी जज्जी को 77,807 वोट मिले।
इस तरह उन्होंने 8,373 वोटों की बढ़त से शानदार जीत दर्ज की और पहली बार विधायक बने।
विकास कार्य
चुनाव जीतने के बाद हरिबाबू राय ने अपने क्षेत्र के लिए कई वादे किए और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरने का संकल्प जताया।
उनके प्राथमिक विकास कार्य व लक्ष्य इस प्रकार हैं:
- सड़क और अवसंरचना – गाँव-गाँव तक बेहतर सड़कें और नालियों का निर्माण।
- पेयजल और बिजली – ग्रामीण इलाकों में नल-जल योजना और 24 घंटे बिजली की व्यवस्था।
- शिक्षा – स्कूलों में भवन मरम्मत, लाइब्रेरी और बच्चों के लिए संसाधन उपलब्ध कराना।
- स्वास्थ्य – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को दवाइयों और डॉक्टरों से सुसज्जित करना।
- किसान व मजदूर कल्याण – सिंचाई, बीज और खाद की सुविधाएँ बेहतर करना तथा समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था।
- आरक्षित वर्गों के लिए कल्याण योजनाएँ – सामाजिक न्याय और समान अवसरों की दिशा में कार्य करना।
हरिबाबू राय का राजनीतिक सफर अभी नया है।
2023 में पहली बार विधानसभा पहुंचे इंजीनियर राय से जनता को बहुत उम्मीदें हैं।
उनका अनुभव, प्रशासनिक समझ और सामाजिक जुड़ाव अशोक नगर की राजनीति में नया अध्याय लिख सकता है।
