रिपोर्ट, काजल जाटव: मध्यप्रदेश की राजनीति में आदिवासी समाज के नेताओं की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है। इन्हीं में एक प्रमुख नाम है उमंग सिंघार, जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और गंधवानी विधानसभा (जिला धार) से लगातार चार बार विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। उनकी पहचान एक सक्रिय, बेबाक और संघर्षशील नेता की रही है, जिन्होंने न केवल अपने क्षेत्र बल्कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

उमंग सिंघार का जन्म 23 जनवरी 1974 को धार जिले में हुआ। उनके पिता श्री दयाराम सिंघार एक सामाजिक कार्यकर्ता थे। राजनीतिक वातावरण से प्रभावित होकर उमंग सिंघार भी छात्र जीवन से ही राजनीति से जुड़ गए। उन्होंने स्नातक (B.A.) तक शिक्षा प्राप्त की। व्यक्तिगत जीवन में वे विवाहित हैं और उनके दो पुत्र हैं। वे खेती और व्यवसाय से भी जुड़े हुए हैं। खेलकूद और संगीत उनकी निजी रुचियाँ रही हैं।

राजनीति में शुरुआत

उमंग सिंघार का राजनीतिक जीवन 1994 से शुरू हुआ, जब वे जिला युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने। लगभग एक दशक तक इस पद पर रहते हुए उन्होंने युवाओं को कांग्रेस से जोड़ने और संगठन को मजबूत करने का कार्य किया।

उनकी मेहनत का परिणाम था कि वर्ष 2008 में वे पहली बार गंधवानी से तेरहवीं विधानसभा के सदस्य चुने गए। शुरुआती कार्यकाल में ही उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग की परामर्शदायी समिति और विधानसभा की याचिका समिति में सदस्यता निभाई।

कांग्रेस संगठन में भूमिका

विधानसभा सदस्यता के साथ-साथ उमंग सिंघार ने कांग्रेस संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव बने और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। उन्हें कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति मोर्चा में भी अहम जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा उन्हें झारखंड का सह प्रभारी भी नियुक्त किया गया, जिससे उनका राजनीतिक दायरा और व्यापक हुआ।

विधायक और मंत्री पद का सफर

2013 और 2018 में वे लगातार दूसरी और तीसरी बार गंधवानी से विधायक चुने गए। जनता के बीच उनकी पकड़ मजबूत रही और वे आदिवासी समाज की आवाज़ बनकर उभरे।

2018 में कांग्रेस सरकार बनने पर 29 दिसंबर 2018 को उन्हें वन मंत्री बनाया गया। इस पद पर रहते हुए उन्होंने वनाधिकार कानूनों के क्रियान्वयन, वनों में रहने वाले आदिवासियों के अधिकार और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर काम किया। हालाँकि, मार्च 2020 में कांग्रेस सरकार गिरने तक वे इस पद पर रहे।

2023 में चौथी बार विधायक चुने जाने के बाद उन्होंने यह साबित कर दिया कि गंधवानी की जनता का भरोसा आज भी उनके साथ है।

कार्य और उपलब्धियाँ

  1. आदिवासी समाज की आवाज़ – उमंग सिंघार ने सदैव आदिवासी समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
  2. वनाधिकार कानून – मंत्री रहते हुए उन्होंने वनों में रहने वाले परिवारों को अधिकार दिलाने की दिशा में कदम उठाए।
  3. स्थानीय विकास – गंधवानी क्षेत्र में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर उन्होंने काम किया।
  4. कांग्रेस संगठन – राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाकर उन्होंने मध्यप्रदेश के नेताओं में अपनी अलग पहचान बनाई।

वोट और जनाधार

गंधवानी विधानसभा क्षेत्र आदिवासी बहुल है, जहाँ कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधे मुकाबला होता रहता है। उमंग सिंघार ने लगातार 2008, 2013, 2018 और 2023 के चुनाव जीत कर यह साबित किया है कि उनका समर्थन काफी मजबूत है। उनके चुनावी अभियानों में युवाओं और किसानों की भागीदारी खासतौर पर देखी जाती है।

विवाद और आलोचनाएँ

उमंग सिंघार के राजनीतिक जीवन में कई विवाद भी सामने आए हैं—

  • दलगत राजनीति पर स्पष्ट बयान – उन्होंने कांग्रेस के आंतरिक मुद्दों पर कई बार खुलकर बात की है। विशेषकर वरिष्ठ नेताओं की नीतियों पर आलोचना ने सबका ध्यान खींचा है।
  • कमलनाथ से टक्कर – 2019-20 के दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ के साथ उनका टकराव खबरों में रहा। उन्होंने खुले तौर पर उनके नेतृत्व पर सवाल भी खड़े किए।
  • विकास कार्यों की रफ्तार पर विपक्ष का आरोप – विपक्ष का कहना है कि गंधवानी क्षेत्र में उनकी सक्रियता अपेक्षा से कम रही, पर समर्थक कहते हैं कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई कार्य करवाए हैं।
  • आत्मीय जीवन पर चर्चाएँ – उनकी निजी जिंदगी और कुछ कथित आंतरिक विवाद भी समय-समय पर मीडिया में आए, लेकिन इसका उनके राजनीतिक करियर पर खास असर नहीं पड़ा।

उमंग सिंघार का राजनीतिक जीवन आदिवासी समुदाय के संघर्ष और कांग्रेस संगठन की ताकत से जुड़ा रहा है। चार बार विधायक चुने जाने के साथ ही वन मंत्री का पद संभालना उनकी सक्रियता का संकेत है। विवादों और आलोचनाओं के बावजूद, वे गंधवानी की राजनीति में एक मजबूत नाम बने हुए हैं। आने वाले समय में वह राज्य में कांग्रेस की भूमिका को और मजबूत कर सकते हैं।

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