रिपोर्ट, काजल जाटव: मध्यप्रदेश की राजनीति में इंदौर शहर का बहुत बड़ा हिस्सा भारतीय जनता पार्टी का है। इस इलाके से कई नेता निकले हैं। इनमें से एक नाम है श्री रमेश मेंदोला। वह इंदौर-2 विधानसभा से चार बार विधायक रहे हैं। वह अपने संगठन, जनता से जुड़ाव और मजबूत समर्थन की वजह से जाने जाते हैं। हालांकि, उनके राजनीति जीवन में कई विवाद भी रहे हैं।

प्रारंभिक जीवन और पढ़ाई

रमेश मेंदोला का जन्म 13 नवंबर 1960 को इंदौर में हुआ था। उनके पिता का नाम चित्तरमणी मेंदोला है। रमेश शादीशुदा नहीं हैं। उन्होंने राजनीति शास्त्र और लोक प्रशासन में एमए की डिग्री ली। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें खेल-कूद और संगीत का भी शौक था। राजनीति में आने से पहले, वह व्यापार में थे।

शुरुआत और स्थानीय राजनीति

रमेश ने अपना राजनीति सफर नगर निगम इंदौर से शुरू किया। वहाँ वह कई बार पार्षद चुने गए। तब उन्होंने भाजपा के संगठन में काम किया और मंडल व शहर अध्यक्ष बने। लोग उन्हें जमीन से जुड़ा नेता मानते थे, जो हर समय काम करता रहता था।

वह इंदौर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक और नंदानगर सहकारी समिति जैसे संगठनों से भी जुड़े रहे। खेलों में भी उन्होंने हाथ आजमाए और म.प्र. ओलंपिक संघ, शूटिंग संघ और हॉकी संघ में जिम्मेदारी निभाई।

विधानसभा चुनाव और वोटबैंक

रमेश ने 2008 में पहली बार इंदौर-2 से चुनाव जीता। फिर 2013 और 2018 में वह जीतते रहे। इस तरह उन्होंने अपना मजबूत पकड़ बनायी।

2023 में वह फिर से चुने गए।

उनका वोटर मुख्य रूप से शहर के बीच के लोग, व्यापारी और पारंपरिक भाजपा समर्थक हैं। उनकी लोकप्रियता का कारण है जनता से मीटिंग करना और समस्याओं का तुरंत हल देना। वह सरल और मिलनसार स्वभाव के कारण बहुत लोगों के प्रिय हैं।

कामकाज और योगदान

वह विधानसभा में नगर विकास, सड़क, सफाई और आवास पर जोर देते हैं। उनका ध्यान मुख्य रूप से बेसिक सुविधाओं पर रहता है।

वह काम करने वाले नेता के रूप में जाने जाते हैं। वे लगातार अपने क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं। इसी वजह से जनता का समर्थन उन्हें बार-बार मिला।

विवाद और आलोचना

उनका जीवन विवादों से भरा रहा है।

  • आरोप गुंडागर्दी का: वह अक्सर कैलाश विजयवर्गीय का करीबी माना जाता है। उनके समर्थकों पर कई बार हिंसा और दबंगई के आरोप लगे।
  • माफिया और 건धारी काम: विपक्ष का कहना है कि उनके संरक्षण में अवैध निर्माण और माफिया का जाल फैला।
  • निकायों में दखल: नगर निगम और सहकारी समितियों में उनकी भूमिका पर सवाल हुए।
  • यह सब आरोप साबित नहीं हुए, लेकिन उनकी छवि विवादित नेता की बन गई है।

जनता से जुड़ाव और लोकप्रियता

रमेश मेंदोला आम लोगों के बीच में Popular है। इसके पीछे का कारण है कि वह सीधे लोगों से बात करते हैं। वह अपने क्षेत्र में आसानी से मिल जाते हैं। लोग अपनी समस्याएं उन्हें बता सकते हैं। इसी बात ने उन्हें फिर से टिकट दिलाई है।

उपलब्धियाँ

  • वह चार बार इंदौर-2 से विधायक चुने गए।
  • इंदौर को साफ-सफाई का शहर बनाने में उनका योगदान रहा।
  • वह समूहों और खेल संघों में रहते हैं। इससे उन्होंने समाज में भी हिस्सा लिया।

रमेश मेंदोला का राजनीतिक सफर इंदौर की राजनीति का हिस्सा है। वह संगठन से विधायक तक पहुंचे। उनका वोट बैंक मजबूत हुआ। लोग उनसे जुड़ते रहे।

उन पर कभी-कभी आरोप लगे। पर इसका असर उनकी Popularity पर नहीं पड़ा। इसलिए, अभी भी वह इंदौर की राजनीति में मजबूत हैं। ये लोग उन्हें भाजपा के अच्छे उम्मीदवार मानते हैं।

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