गीता राय : मध्यप्रदेश में वन्यजीव प्रेमियों के लिए अब नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व की सैर महंगी होने जा रही है। सरकार ने प्रदेश के सभी संरक्षित क्षेत्रों के प्रवेश शुल्क में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है, जो 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी होगा। इस फैसले का असर खासतौर पर उन पर्यटकों पर पड़ेगा जो जंगल सफारी के शौकीन हैं और हर साल बड़ी संख्या में इन टाइगर रिजर्व का रुख करते हैंप्रदेश सरकार ने साफ किया है कि सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्कों की बुकिंग एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
आवेदन करने की प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि सभी टाइगर रिजर्व और नेशनल पार्कों की बुकिंग एमपी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए ही की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और अनधिकृत टिकटिंग पर लगाम लगेगी।
टिकट में बढ़ोतरी का आधार
राज्य सरकार ने 22 अक्टूबर 2024 को जारी एक अधिसूचना के तहत यह नीति बनाई थी, जिसमें कहा गया था कि प्रदेश के संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश शुल्क में हर तीन साल में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यही नीति अब वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू की जा रही है। इससे पहले इसी अधिसूचना के अंतर्गत मैहर के मुकुंदपुर वाइट टाइगर सफारी, भोपाल के वन विहार, और इंदौर के रालामंडल अभयारण्य की टिकट दरों में ₹5 की वृद्धि की गई थी।
पर्यटन सीजन और मानसून ब्रेक
मध्य प्रदेश के सभी संरक्षित वन क्षेत्र हर साल 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद रहते हैं। मानसून अवधि में वन्यजीवों के प्रजनन (ब्रीडिंग) सीजन की होती है। साथ ही भारी बारिश और जलभराव के कारण जंगल के रास्ते असुरक्षित होते। लिहाजा, 1 अक्टूबर के बर्बाद पार्कों में पर्यटन गतिविधियाँ शुरू होती हैं। बढ़ी हुई फीस 1 अक्टूबर से ही लागू होगी।मध्य प्रदेश में 11 राष्ट्रीय उद्यान और 10 टाइगर रिजर्व हैं। राष्ट्रीय उद्यान में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, पन्ना, सतपुड़ा, संजय दुबरी, माधव, वन विहार, जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान, कूनो रालामंडल है।
