कामना, कासोटिया, भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून कहर बनकर टूटा है। राजधानी भोपाल में बीते 24 घंटों में मूसलाधार बारिश ने बीते 15 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया है और जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त है। वहीं, राज्य के कई जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं नदियां
नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भोपाल में हालात बद से बदतरराजधानी भोपाल में 24 घंटे में 12 सेमी से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। न्यू मार्केट, टीटी नगर, करोंद और भेल जैसे इलाके पानी में डूब गए हैं। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जलभराव के चलते स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।भोपाल नगर निगम की टीमें जलनिकासी के लिए काम कर रही हैं, लेकिन भारी बारिश के सामने सारी व्यवस्थाएं नाकाम साबित हो रही हैं।
कई जगहों पर अपने घरों में फंसे हुए हैं लोग
कई जगहों पर लोग अपने घरों में फंसे हुए हैं और रेस्क्यू टीमों की मदद से निकाले जा रहे हैं। अन्य जिलों में भी हालात गंभीरभोपाल के अलावा विदिशा, सीहोर, रायसेन और नर्मदापुरम जिलों में भी लगातार तेज बारिश हो रही है। नर्मदापुरम और हरदा में नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। नर्मदापुरम में स्थित तवा डैम के गेट खोल दिए गए हैं और 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे आसपास के निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।छिंदवाड़ा और बालाघाट में लगातार बारिश से भूस्खलन की आशंका जताई गई है।
वहीं, सागर, दमोह और पन्ना जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।रेड अलर्ट वाले जिलेमौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के 10 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, उज्जैन, विदिशा, देवास, नीमच, मंदसौर और रतलाम शामिल हैं। इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटे के दौरान और भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।नदियां उफान पर राज्य की प्रमुख नदियां नर्मदा, बेतवा और तवा उफान पर हैं।
नर्मदापुरम, और उज्जैन जैसे जिलों में इन नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है। उज्जैन के क्षिप्रा घाट पर पानी का स्तर इतना बढ़ गया है कि श्रद्धालुओं से घाट पर न जाने की अपील की गई है।राहत और बचाव कार्य जारीराज्य सरकार, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। कई ग्रामीण इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। रेवा, कटनी और डिंडोरी जैसे जिलों से खाद्यान्न संकट की खबरें भी आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें और नदी-नालों के पास न जाएं।
