गीता राय: मध्यप्रदेश सरकार ने शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर ‘प्रदेशव्यापी नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना’ का शुभारंभ किया। यह आयोजन तात्या टोपे नगर स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या विद्यालय में संपन्न हुआ, जहां मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की स्मृतियों को साझा करते हुए सरकारी स्कूलों की वर्तमान स्थिति में सुधार की बात कही।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वे स्कूल जाते थे तो बोरी लेकर बैठते थे और बारिश में उसी से सिर ढकते थे। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब सरकारी स्कूलों में बस सेवाएं भी शुरू की जाएंगी। इस अवसर पर उन्होंने नव-निर्मित स्कूल भवन का उद्घाटन किया और बच्चों से संवाद करते हुए साइकिलें वितरित कीं। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यह योजना शिक्षा सुधारों का हिस्सा है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को कोई असुविधा न हो।
15 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिल देने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने 6वीं और 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले करीब 15 लाख छात्र-छात्राओं को साइकिल देने का ऐलान पहले ही सोशल मीडिया के ज़रिए किया था। योजना का लाभ उन छात्रों को मिलेगा जिनका स्कूल उनके गांव से कम से कम 2 किलोमीटर दूर है। साथ ही कन्या छात्रावास में रहने वाली छात्राएं भी इस योजना की पात्र होंगी। हॉस्टल में दी गई साइकिलें छात्राओं के लिए होंगी, लेकिन हॉस्टल छोड़ने पर उन्हें वापस करनी होंगी।
माता-पिता के बैंक खाते में 2400 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे
इस योजना की शुरुआत 2004-05 में हुई थी और इसका लाभ केवल एक बार मिलता है – जब छात्र पहली बार 6वीं या 9वीं में प्रवेश लेते हैं। इसके तहत स्कूल के प्रधानाचार्य बच्चों की पात्रता का सत्यापन करेंगे, जिसके बाद विकासखंड कार्यालय से उन्हें साइकिल प्रदान की जाएगी। कुछ मामलों में छात्रों या उनके माता-पिता के बैंक खाते में 2400 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे या वाउचर कोड दिया जाएगा जिससे वे साइकिल खरीद सकें।
यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के छात्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और स्कूल ड्रॉपआउट दर को घटाएगी।
