Muskan Garg: हिंदी कथा साहित्य के क्षेत्र में विशिष्ट राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मानों की घोषणा की गई है। यह सम्मान समारोह 24 से 26 फरवरी 2026 को भोपाल में संस्थान वनमाली सृजन पीठ द्वारा आयोजित किया जाएगा, जो प्रसिद्ध कथाकार, शिक्षाविद् और विचारक जगन्नाथ प्रसाद चौबे की रचनात्मक स्मृति को समर्पित है।

आठ श्रेणियों में दिए जाएंगे प्रतिष्ठित सम्मान:
वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वरिष्ठ कवि-कथाकार संतोष चौबे ने विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर बताया कि इस वर्ष 8 अलग-अलग श्रेणियों में रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन ‘विश्व रंग’ के अंतर्गत रवीन्द्र भवन, भोपाल और रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल में होगा। समारोह की मुख्य अतिथि होंगी ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ लेखिका प्रतिभा राय।

वरिष्ठ साहित्यकारों को मिलेगा सर्वोच्च सम्मान:
इस वर्ष:
• ‘वनमाली कथाशीर्ष सम्मान’ से वरिष्ठ साहित्यकार मृदुला गर्ग (दिल्ली)
• ‘वनमाली राष्ट्रीय कथा सम्मान’ से प्रख्यात कथाकार अलका सरावगी (कोलकाता)
को अलंकृत किया जाएगा। दोनों रचनाकारों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र के साथ एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी।

मध्यप्रदेश, युवा, आलोचना और कथेतर सम्मान:
अन्य सम्मानों में:
• वनमाली कथा मध्यप्रदेश सम्मान: उर्मिला शिरीष (भोपाल)
• वनमाली युवा कथा सम्मान: कुणाल सिंह
• वनमाली कथा आलोचना सम्मान: महेश दर्पण (दिल्ली)
• वनमाली कथेतर सम्मान: यतीन्द्र मिश्र (अयोध्या)
इन सभी को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र और 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी।

पहली बार अनुवाद और डिजिटल साहित्य को मिला मंच:
इस वर्ष सम्मान श्रृंखला में दो नई श्रेणियाँ जोड़ी गई हैं:
• पहला वनमाली कथा अनुवाद सम्मान: जितेन्द्र भाटिया (मुंबई)
• पहला वनमाली डिजिटल साहित्य अवदान सम्मान: अंजूम शर्मा (दिल्ली)
यह कदम समकालीन साहित्य में अनुवाद और डिजिटल रचनात्मकता के बढ़ते महत्व को रेखांकित करता है।

‘वनमाली कथा’ पत्रिका का नया अंक होगा लोकार्पित:

समारोह के दौरान लोकतान्त्रिक मूल्यों की समावेशी पत्रिका ‘वनमाली कथा’ का ताज़ा अंक भी लोकार्पित किया जाएगा, जो नई सदी की रचनाशीलता को समर्पित है।

विचार-विमर्श, रचना पाठ और रंगमंच:
तीन दिवसीय समारोह में:
• सम्मानित रचनाकारों का रचना पाठ
• युवा पीढ़ी की कथा संवेदना,
• स्त्री-स्वर और लैंगिक दृष्टि,
• डिजिटल युग की कहानी और
• पाठक परिवर्तन व कहानी की प्रासंगिकता
जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित होंगे।
25 फरवरी की शाम रवीन्द्र भवन में संतोष चौबे की कहानियों का नाट्य मंचन वरिष्ठ निर्देशक संजय मेहता के निर्देशन में होगा, साथ ही टैगोर नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा रंग-संगीत प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी।

समकालीन कथा साहित्य के लिए एक सशक्त पहल:
वनमाली कथा सम्मान समकालीन हिंदी कथा साहित्य में लोकतांत्रिक और मानवीय मूल्यों की पुनःप्रतिष्ठा का एक सशक्त प्रयास है। यह आयोजन न सिर्फ वरिष्ठ रचनाकारों का सम्मान है, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का भी एक बड़ा मंच है।

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