रिया सिन्हा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में निर्देश दिए हैं कि गोवर्धन पर्व को प्रदेश के सभी जिलों में लोक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुसार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति और पशुधन के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने भोपाल में आयोजित गोवर्धन पर्व आयोजन की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में ये निर्देश दिए। पर्व के मुख्य आयोजन में गौशालाओं, पशुपालकों और ग्रामीण समुदायों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा, ताकि इस प्राचीन परंपरा के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुँचाया जा सके।
गौशालाओं और पशुपालकों की विशेष भागीदारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि गोवर्धन पर्व के आयोजनों में गौशालाओं और पशुपालकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। गौ संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से प्रदेश की सभी गौशालाओं में गोवर्धन पूजा के अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। ये कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होंगे, बल्कि गौवंश की सेवा और सम्मान की भावना को भी बल देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी व्यवसाय से जुड़े किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उद्यमियों को इस अवसर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
प्रदेश भर में जिला स्तरीय समारोह
राज्य सरकार ने सभी जिलों में गोवर्धन पूजा के लिए शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, सभी जिलों के सार्वजनिक स्थलों और गौशालाओं में इस पर्व को धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। इन जिला स्तरीय समारोहों में मंत्रीगण तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गोवर्धन पूजा केवल कर्मकांड नहीं है, यह हमें हमारी संस्कृति से जोड़ती है और प्रदेश सरकार गौपालन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

