कामना कासोटिया, भोपाल : रूस के पूर्वी प्रायद्वीप कामचटका में बुधवार सुबह एक भीषण भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 8.8 मापी गई। यह भूकंप इतना ताकतवर था कि इसे दुनिया का छठा सबसे बड़ा भूकंप कहा जा रहा है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक एजेंसी यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, यह भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह आया और इसके बाद समुद्र में 5 मीटर ऊँची सुनामी की लहरें उठीं। भूकंप का केंद्र रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कामचटका प्रायद्वीप में जमीन के अंदर था।

समुद्र में बड़ी सुनामी लहरें उठीं

यह इलाका अक्सर भूकंपीय गतिविधियों का केंद्र रहता है, लेकिन इस बार जो भूकंप आया वह अपनी तीव्रता और प्रभाव के कारण दुनिया भर में सुर्खियों में आ गया है। भूकंप के तुरंत बाद समुद्र में बड़ी सुनामी लहरें उठीं, जो रूस के तटीय इलाकों से होती हुई अमेरिका के अलास्का, हवाई और कैलिफोर्निया जैसे हिस्सों तक पहुंच गईं। हालांकि, इन इलाकों में समय रहते चेतावनी जारी कर दी गई थी, जिससे जान-माल की बड़ी हानि से बचाव संभव हो पाया।रूस के स्थानीय समयानुसार सुबह-सुबह आए इस भूकंप से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।

सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में देखा जा सकता है कि कई मकानों की दीवारें टूट गई हैं, सड़कें फट गई हैं और लोग दहशत में घरों से बाहर भागते नजर आए।कामचटका प्रशासन ने तुरंत आपातकालीन स्थिति घोषित कर दी और राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं। रूस की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, बचाव दल हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं। कुछ दूरदराज़ के इलाकों से संपर्क टूट गया है, जिससे स्थिति की गंभीरता का सही आकलन अभी नहीं हो पाया है।

अमेरिकी एजेंसी USGS ने कहा है कि यह भूकंप पृथ्वी की सतह से लगभग 19.3 किलोमीटर नीचे आया था, जो इसे और अधिक खतरनाक बनाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस भूकंप के बाद और भी झटके आ सकते हैं, जिन्हें आफ्टरशॉक्स कहा जाता है। भारत में भी इस भूकंप के बाद सुनामी की आशंका को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है, हालांकि भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि भारत के तटों पर इसका कोई सीधा असर फिलहाल नहीं देखा गया है। फिर भी तटीय इलाकों में प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार, 8.8 तीव्रता वाला यह भूकंप “मेजर” कैटेगरी में आता है और इसका प्रभाव सैकड़ों किलोमीटर तक महसूस किया जा सकता है। भूकंप के कारण समुद्र की सतह में हलचल हुई, जिससे पानी की बड़ी मात्रा में ऊर्जा पैदा हुई और वह सुनामी में बदल गई।फिलहाल रूस सरकार और अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियां मिलकर प्रभावित लोगों की मदद में जुटी हुई हैं। हालाँकि अब तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अफसरों का कहना है कि पूरी जानकारी आने में कुछ समय लग सकता है।

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