Vladimir Putin and Narendra Modi

रिया  सिन्हा: अगस्त 2025 में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार करना पड़ा। यह क्षण न केवल मीडिया की सुर्खियों में रहा बल्कि इसे भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अहमियत के प्रतीक के तौर पर भी देखा गया।

पुतिन का धैर्यपूर्ण रुख

रिपोर्ट्स के अनुसार, सम्मेलन के औपचारिक सत्र से पहले नेताओं की मुलाकात निर्धारित थी। इस दौरान अन्य देशों के प्रमुख पहले से मौजूद थे, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी थोड़ी देर से पहुंचे। पुतिन को कुछ समय तक प्रतीक्षा करनी पड़ी और जैसे ही मोदी हॉल में दाखिल हुए, उन्होंने मुस्कुराते हुए भारतीय प्रधानमंत्री का स्वागत किया। यह दृश्य कैमरों में कैद हो गया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में छा गया।

भारत की बढ़ती भूमिका

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने वैश्विक राजनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को और स्पष्ट कर दिया है। आज भारत न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया में एक अहम साझेदार के रूप में उभर रहा है। मोदी का SCO मंच पर प्रभाव इतना बढ़ चुका है कि उनकी उपस्थिति को निर्णायक माना जाता है।

कूटनीतिक संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पुतिन का मोदी का इंतजार करना महज प्रोटोकॉल का हिस्सा नहीं, बल्कि कूटनीतिक संकेत भी है। यह रूस और भारत के मजबूत रिश्तों और परस्पर सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। साथ ही, यह घटना भारत के बढ़ते आत्मविश्वास और वैश्विक कूटनीति में उसकी स्थिति को भी दर्शाती है।

एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान यह छोटा सा क्षण भारत-रूस संबंधों और वैश्विक मंच पर भारत की नई पहचान का बड़ा संदेश साबित हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *