Suvangi Pradhan
नासा की प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारत को लेकर अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा किया। उन्होंने कहा कि भारत आना उनके लिए हमेशा “घर वापसी” जैसा अनुभव होता है। अपने हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने यह भी कहा कि वह चांद पर जाना चाहती हैं, लेकिन मजाक में जोड़ा कि मेरे पति मुझे मार डालेंगे।
सुनीता ने बताया कि उनका भारतीय मूल होने के कारण भारत से गहरा रिश्ता है
उन्होंने कहा, जब भी मैं भारत आती हूं, मुझे लगता है जैसे मैं अपने घर लौट आई हूं। यहां की संस्कृति, लोग और ऊर्जा मुझे बेहद खास महसूस कराते हैं। उन्होंने भारत की वैज्ञानिक प्रगति और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती भूमिका की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अंतरिक्ष मिशनों के अनुभव साझा किए
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर बिताया गया समय उनके जीवन का सबसे अनोखा अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष में रहकर पृथ्वी को देखना इंसान को जीवन और प्रकृति के प्रति ज्यादा जिम्मेदार बनाता है। चांद पर जाने की इच्छा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, अगर मौका मिले तो मैं जरूर चांद पर जाना चाहूंगी, लेकिन मेरे पति शायद मुझे इसके लिए मार डालेंगे। उनकी इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े।
सुनीता विलियम्स ने युवाओं को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया
उन्होंने कहा कि सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि लड़कियों को विज्ञान और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने से कभी डरना नहीं चाहिए। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि दोनों देश मिलकर भविष्य के बड़े मिशनों में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
