Suvangi Pradhan
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक बार फिर अपने विवादित बयानों और फैसलों को लेकर सुर्खियों में हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रम्प प्रशासन के दौरान ग्रीनलैंड को लेकर एक बेहद आक्रामक सैन्य योजना पर विचार किया गया था। इस कथित योजना के तहत ग्रीनलैंड में रणनीतिक दखल के लिए स्पेशल कमांडो यूनिट को जिम्मेदारी सौंपने पर चर्चा हुई थी।
इस योजना को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली, लेकिन इसके खुलासे ने अमेरिकी राजनीतिक और सैन्य गलियारों में नई बहस छेड़ दी है
ट्रम्प ग्रीनलैंड को अमेरिका के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानते थे। आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती सक्रियता के बीच ट्रम्प प्रशासन ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण या प्रभाव बढ़ाने के विकल्प तलाश रहा था। इसी क्रम में सैन्य और खुफिया अधिकारियों से संभावित ऑपरेशनों पर राय मांगी गई थी, जिसमें स्पेशल फोर्सेज की भूमिका पर भी विचार हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम पर एक सीनियर अमेरिकी जनरल की टिप्पणी ने सनसनी मचा दी है
जनरल ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प की ग्रीनलैंड को लेकर जिद किसी 5 साल के बच्चे जैसी थी। वह किसी भी हाल में इसे हासिल करना चाहते थे, चाहे इसके लिए कूटनीतिक मर्यादाएं ही क्यों न टूट जाएं। जनरल के अनुसार, सैन्य नेतृत्व ने इस तरह के किसी भी ऑपरेशन को अव्यावहारिक और खतरनाक बताया था।
ग्रीनलैंड न केवल प्राकृतिक संसाधनों बल्कि सैन्य दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है
ऐसे में सीधे सैन्य कार्रवाई की योजना अंतरराष्ट्रीय कानून और नाटो सहयोगियों के साथ रिश्तों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती थी। डेमोक्रेटिक नेताओं ने इन खुलासों को ट्रम्प की अपरिपक्व और खतरनाक सोच करार दिया है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प की सोच एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि सत्ता में रहते हुए उनके फैसले कितने संतुलित और दूरदर्शी थे।
Donald Trump gets Mistr highest honour 