Baljinder Kaur: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 दिसंबर 2025 को एक नया कदम उठाते हुए यात्रा प्रतिबंध को 39 देशों तक बढ़ा दिया है। इस फैसले का उद्देश्य अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन (Immigration) नियंत्रण को और सख्त करना बताया गया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि कुछ देशों से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग ,वीटिंग (सुरक्षा जांच) और सूचना साझाकरण कमजोर है जिससे संभावित जोखिम बढ़ सकते हैं।
ट्रैवल बैन क्या है?
ट्रैवल बैन एक ऐसा सरकारी कदम है जिसमें कुछ देशों के नागरिकों को यूएस में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है या उनके लिए वीज़ा प्रक्रिया को कड़ी शर्तों के तहत रखा जाता है। इसका उद्देश्य अमेरिका में “सुरक्षा जोखिमों” को कम करना बताया जाता है।
इस बार क्या नया है?
हाल ही में जारी आदेश के अनुसार कुल 39 देशों के नागरिकों पर पूरा या आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है। जिन देशों को पूर्ण प्रवेश प्रतिबंध में डाला गया है, उनके नागरिक अमेरिका में वीज़ा या प्रवेश नहीं पा सकेंगे। कुछ देशों को आंशिक प्रतिबंध में रखा गया है यानी कुछ प्रकार के वीज़ा पर रोक या अतिरिक्त शर्तें लागू होंगी।
कौन-कौन से देश शामिल है
पूर्ण प्रतिबंध वाले देश :
लाओस, सियरा लियोन, बर्किना फासो, माली, नाइजर,साउथ सूडान, सीरिया।
इन देशों के नागरिक अब अमेरिका में नए वीज़ा के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे और प्रवेश प्रतिबंध का सामना करेंगे।
आंशिक प्रतिबंध वाले देश:
अंगोला, एंटीगुआ और बारबुडा, बेनिन, कोटे डी’आईवॉयर (कोट डी’आईवॉयर), डोमिनिका, गैबॉन, गाम्बिया, मलावी, मॉरिटानिया, नाइजीरिया, सेनेगल, तंज़ानिया, टोंगा, ज़ाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों के नागरिकों के लिए कुछ प्रकार के वीज़ा पर आंशिक रोक या कड़ी शर्तों वाली प्रक्रिया लागू होगी। बुरुंडी, क्यूबा, टोगो और वेनेजुएला के नागरिकों पर पहले से लागू आंशिक प्रतिबंध जारी रहेंगे.
पहले से 12 देशों पर लगा है ट्रैवल बैन
अमेरिका पहले ही अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगा चुका है।
1 जनवरी से लागू होगा नया प्रतिबंध
विस्तारित यात्रा प्रतिबंध और प्रवेश संबंधी पाबंदियां 1 जनवरी से प्रभावी होंगी। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कमजोर वीजा जांच प्रणाली, अधिक वीजा ओवरस्टे दर और आतंकवादी गतिविधियों के खतरे को देखते हुए उठाया गया है। इसके बाद इन 39 देशों के नागरिकों के अमेरिका आने पर रोक या कड़ी प्रक्रिया लागू हो जाएगी।
प्रशासन का कारण
ट्रंप प्रशासन ने यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं, कमजोर आपसी सूचना साझा करने और कुछ देशों के पासपोर्ट या स्क्रीनिंग सिस्टम की कमी को वजह बताया है। इसके साथ ही कहा गया है कि अगर देश सुरक्षा में सुधार करते हैं तो उन्हें सूची से हटाया भी जा सकता है।
अमेरिका का यह बड़ा ट्रैवल बैन फैसला वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। इस कदम का असर न केवल प्रभावित देशों के नागरिकों पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं, रोजगार और अध्ययन के अवसरों पर भी देखने को मिल सकता है।
