Bangladesh former Prime Minister Khalida Zia succumbs to death

रिया सिन्हा: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया का मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। 80 वर्ष की आयु में उन्होंने ढाका के एवरकेयर अस्पताल में सुबह करीब 6 बजे अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से लीवर सिरोसिस, हृदय रोग और किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उनके निधन की खबर से पूरे बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ गई है और उनकी पार्टी ने सात दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है।

स्वास्थ्य संघर्ष और अंतिम क्षण

खालिदा जिया पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सक्रिय राजनीति से दूर थीं। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति पिछले कुछ हफ्तों से काफी नाजुक बनी हुई थी और वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। उनके बेटे और बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए भावुक संदेश साझा किया। हाल ही में उन्हें उन्नत उपचार के लिए विदेश ले जाने की चर्चा भी हुई थी, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण यह संभव नहीं हो सका।

सैन्य शासन के खिलाफ लोकतंत्र की आवाज

खालिदा जिया का राजनीतिक सफर संघर्षों से भरा रहा। 1981 में अपने पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति की कमान संभाली। उन्होंने 1980 के दशक में जनरल एच.एम. इरशाद के सैन्य शासन के खिलाफ एक व्यापक जन आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने देश में लोकतंत्र की बहाली का मार्ग प्रशस्त किया। उनके साहस और नेतृत्व के कारण उन्हें बांग्लादेश की राजनीति में ‘लौह महिला’ के रूप में भी जाना जाता है।

पहली महिला प्रधानमंत्री का गौरव

वर्ष 1991 में खालिदा जिया ने इतिहास रचा जब वे बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री चुनी गईं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में कई महत्वपूर्ण सुधार किए। वह कुल तीन बार (1991-1996 और 2001-2006) देश की प्रधानमंत्री रहीं। हालांकि, उनका कार्यकाल विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से भी घिरा रहा, जिसके कारण उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी।

वैश्विक शोक और पीएम मोदी की संवेदनाएं

खालिदा जिया के निधन पर दुनिया भर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि खालिदा जिया का बांग्लादेश के विकास और भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। वहीं, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भी उनके निधन को राष्ट्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।

भविष्य की राजनीति पर प्रभाव

उनका निधन ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश एक बड़े राजनीतिक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले उनके निधन को बीएनपी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। उनके बेटे तारिक रहमान अब पूरी तरह से पार्टी की कमान संभालेंगे, जो हाल ही में वर्षों के निर्वासन के बाद स्वदेश लौटे हैं। खालिदा जिया की विरासत और उनका राजनीतिक प्रभाव आने वाले समय में बांग्लादेश की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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