Surbhi yadav: अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति डिक चेनी का 84 साल की उम्र में निधन हो गया है। परिवार के मुताबिक उन्होंने निमोनिया और दिल तथा रक्त वाहिका से जुड़ी बीमारी की वजह से सोमवार को मौत हो गई। चेनी 2001 से 2009 तक जॉर्ज डब्ल्यू बुश सरकार में उपराष्ट्रपति रहे। उन्हें अमेरिका के इतिहास में सबसे शक्तिशाली उपराष्ट्रपतियों में गिना जाता है।

इराक युद्ध 2003 का सबसे प्रमुख चेहरा रहे चेनी

चेनी ने बुश प्रशासन के दौरान राष्ट्रपति की शक्तियों को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने 2003 में इराक पर हमले के लिए लगातार अभियान चलाया। वे दावा करते रहे कि इराक के पास विनाशकारी हथियार हैं, लेकिन बाद में ऐसे हथियार नहीं मिले। पूछताछ में वाटरबोर्डिंग जैसी कठोर तकनीक का भी उन्होंने बचाव किया, जबकि अमेरिका और वैश्विक संस्थाओं ने इन्हें “टॉर्चर” कहा था।

ट्रम्प को बताया अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा… बेटी लिज का डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ स्टैंड

उनकी बेटी लिज चेनी रिपब्लिकन पार्टी की प्रभावशाली नेता रहीं। लेकिन 6 जनवरी के कैपिटल हमले के बाद ट्रंप के खिलाफ महाभियोग में वोट देने पर उन्हें पार्टी में विरोध झेलना पड़ा और सीट भी खोनी पड़ी। चेनी ने भी इस मामले में अपनी बेटी का साथ दिया और कहा कि वे 2024 में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस को वोट देंगे। उन्होंने ट्रंप को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।

दिल की बीमारी से संघर्ष और विवादों से भरी रही राजनीतिक यात्रा

चेनी लंबे समय से हार्ट प्रॉब्लम से जूझ रहे थे। 37 साल की उम्र में उन्हें पहला हार्ट अटैक आया था और 2012 में उन्हें हार्ट ट्रांसप्लांट करवाना पड़ा। उनकी राजनीतिक यात्रा लगातार विवादों के बीच रही। “Vice” फिल्म तक में उनके किरदार व्यंग का विषय बने। इराक युद्ध, तेल कंपनियों से जुड़ी आलोचना, कठोर सुरक्षा नीति और वैचारिक टकराव इन सबने उन्हें अमेरिका के इतिहास का सबसे चर्चित और विवादित नेता बना दिया।

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