Suvangi Pradhan
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल को भारत जैसे देशों तक पहुंचाने में भूमिका निभा सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने दुनिया की बड़ी ऑयल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की, जहां वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतें और प्रतिबंधों के प्रभाव पर चर्चा हुई।
इस बैठक के बाद ट्रम्प ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को वैश्विक बाजार तक लाने के विकल्पों पर विचार करने कि बात की
वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार हैं, लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों और आंतरिक आर्थिक संकट के कारण उसका उत्पादन और निर्यात सीमित रहा है। हाल के महीनों में अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि वह कुछ शर्तों के साथ वेनेजुएला पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे सकता है, ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति बढ़े और कीमतों पर दबाव कम किया जा सके। ट्रम्प का बयान इसी रणनीति की ओर इशारा करता है।
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी जरूरतों का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है
रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत ने वैकल्पिक स्रोतों से सस्ता तेल खरीदने की रणनीति अपनाई है। ऐसे में वेनेजुएला का तेल भारतीय रिफाइनरियों के लिए एक और विकल्प बन सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी भारतीय कंपनियां वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने में रुचि दिखा सकती हैं, बशर्ते भुगतान और लॉजिस्टिक्स से जुड़े मुद्दों का समाधान हो।
यदि अमेरिका वेनेजुएला के तेल निर्यात को मंजूरी देता है तो इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई बढ़ेगी
इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है और आयातक देशों को राहत मिल सकती है। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह राजनीतिक और कूटनीतिक संतुलन पर निर्भर करेगी। कुल मिलाकर, ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिरता से जूझ रहा है। यदि योजना अमल में आती है, तो भारत को सस्ते और विविध स्रोतों से तेल मिलने का रास्ता खुल सकता है, वहीं वेनेजुएला को भी अपने तेल उद्योग को फिर से खड़ा करने का अवसर मिल सकता है।

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