रिया सिन्हा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 15 अगस्त 2025 को अलास्का के जॉइंट बेस एलमेंडॉर्फ–रिचर्डसन में महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। यह बैठक लगभग तीन घंटे चली, जिसमें दोनों नेताओं का भव्य स्वागत किया गया और सैन्य विमानों की फ्लाईओवर परेड ने समारोह को औपचारिकता और शक्ति का संदेश दिया।

लोगो का  मानना है कि इस मुलाकात से पुतिन को कूटनीतिक बढ़त मिली, क्योंकि उन्होंने बिना कोई रियायत दिए वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मज़बूत की। वहीं ट्रंप ने वार्ता को “सकारात्मक और उपयोगी” बताया ।

हालाँकि इस शिखर वार्ता से कोई ठोस समझौता नहीं निकल सका। ट्रंप ने यूक्रेन में तुरंत संघर्षविराम की अपनी पूर्व मांग को पीछे छोड़ते हुए डोनेट्स्क क्षेत्र पर संभावित रियायतों पर चर्चा की इच्छा जताई। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर ज़ेलेन्स्की और उनकी सरकार ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया। कीव का कहना है कि किसी भी प्रकार की रियायत यूक्रेन की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के खिलाफ होगी।

कुल मिलाकर, यह बैठक उम्मीद से अधिक प्रतीकात्मक रही और वास्तविक समाधान की दिशा में अभी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।

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