रिपोर्ट रोहित रजक। राजधानी भोपाल में मौसम बदलने के साथ ही वन्यजीवों की हलचल बढ़ने लगी है। इसी कड़ी में एक बार फिर कलियासोत डैम के पास टाइगर को घूमते हुए देखा गया।
यह टाइगर वहां से होते हुए NLIU परिसर तक पहुंच गया। इस मूवमेंट के कारण स्थानीय क्षेत्र में रात से ही दहशत का माहौल है। वन विभाग ने सुबह होते ही पूरे इलाके में गश्त शुरू कर दी।
कलियासोत डैम के पास मंगलवार रात को एक राहगीर ने सड़क किनारे टाइगर को खड़ा देखा और तुरंत अपने मोबाइल में उसका वीडियो बना लिया।
वीडियो में साफ दिख रहा था कि टाइगर सड़क किनारे लंबे समय तक खड़ा रहा। थोड़ी देर बाद वह झाड़ियों में चला गया।
सुबह होते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बारिश और ठंड के मौसम में बाघ का मूवमेंट बढ़ जाता है। पहले वह कलियासोत के जंगलों में घूमता रहा, लेकिन अब पेट्रोलिंग के दौरान उसके शहरी इलाकों में आने की पुष्टि हुई है।
रेंजर शिवपाल पिप्परे के मुताबिक, यह टाइगर यहां पहले भी देखा गया है। वह कभी कलियासोत के जंगलों में और कभी उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों में घूमता रहता है। इस बार उसका मूवमेंट रात करीब 11 बजे रिकॉर्ड किया गया, जब वह कलियासोत डैम के पास से NLIU की तरफ बढ़ा।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि टाइगर को देखकर उसके पास न जाएं और तुरंत सूचना दें। विभाग ने इलाके में कई जगह गश्त बढ़ा दी है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय लोगों को जंगल के किनारे जाने से मना किया गया है।
गाड़ियों से किया गेट लॉक
मंगलवार रात को जब टाइगर का मूवमेंट होटल्स और रिहायशी क्षेत्र के पास देखा गया, तब सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वहां खड़ी कई गाड़ियों से गेट लॉक कर दिया गया ताकि टाइगर उस तरफ न आ सके। साथ ही, क्षेत्र से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी।
हाल ही में सोशल मीडिया पर चल रहे कई वीडियो में भी यही टाइगर दिखाई दिया है। इनमें वह सड़क किनारे या झाड़ियों में बैठा हुआ नजर आ रहा है। वन विभाग का मानना है कि संभवतः यह टाइगर शिकार की तलाश में शहरी क्षेत्र में आया है, लेकिन पेट्रोलिंग और भीड़ के कारण वह वापस जंगल की ओर चला जाता है।
स्थानीय लोगों में डर
NLIU परिसर के आसपास रहने वाले लोग और छात्र इस घटना से भयभीत हैं। उनका कहना है कि टाइगर के मूवमेंट के कारण वे देर शाम या रात में बाहर निकलने से डर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो अपने घरों के बाहर अतिरिक्त रोशनी और कैमरे भी लगा लिए हैं ताकि किसी भी तरह की हलचल को रिकॉर्ड किया जा सके।
वन विभाग लगातार ड्रोन और कैमरों की मदद से टाइगर की लोकेशन पर नजर रख रहा है। हालांकि, अब तक टाइगर के हमलावर होने की कोई घटना सामने नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनज़र पूरी सावधानी बरती जा रही है।
कलियासोत डैम से NLIU परिसर तक फैले इस टाइगर मूवमेंट ने राजधानी के लोगों को सतर्क कर दिया है। वन विभाग ने अपील की है कि लोग सतर्क रहें।
अफवाहों पर ध्यान न दें और टाइगर दिखने पर तुरंत हेल्पलाइन पर सूचना दें। मौसम और जंगल की स्थितियों को देखते हुए ऐसे मूवमेंट आने वाले दिनों में भी जारी रह सकते हैं, इसलिए सुरक्षा और जागरूकता दोनों जरूरी हैं।

