Ranu Yadav:बिहार में वोटर लिस्ट सत्यापन पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। विपक्ष ने प्रक्रिया पर रोक की मांग की है, जबकि चुनाव आयोग इसे जरूरी बता रहा है। इस केस का फैसला पूरे देश की वोटर लिस्ट पर असर डाल सकता है।
बिहार में वोटर लिस्ट के वेरिफिकेशन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होने जा रही है। इस मामले पर सड़क से लेकर अदालत तक सियासी संग्राम शुरू हो गया है। आरजेडी , कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन की 9 पार्टियों ने वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। दूसरी ओर, वकील अश्विनी उपाध्याय ने याचिका दायर कर कहा है कि केवल भारतीय नागरिकों को ही वोट देने का हक मिलना चाहिए। इस मुद्दे पर बिहार में विपक्षी दलों का प्रदर्शन जारी है।
कौन – कौन सी पार्टियों ने याचिका दायर की है?
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस सुधांशु धुलिया आज इस मामले की सुनवाई करेंगे। इंडिया गठबंधन की पार्टियों कांग्रेस, TMC, CPI,CPM, RJD, NCP (शरद पवार गुट) , समाजवादी पार्टी, शिवसेना और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने याचिका दायर कर वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन पर सवाल उठाए हैं। इनका कहना है कि इस प्रक्रिया से महिलाओं और गरीबों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं।

बिहार में विपक्षी दलों ने किया चक्का जाम!
बिहार में विपक्षी दलों के प्रदर्शन से कही सड़के जाम हो गई और कही ट्रेनें रोक दी गई। बिहार बंद का पूरे राज्य में असर दिखा। चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन की ओर से बुलाए गए बंद में कांग्रेस, राजद, वामदल, वीआईपी समेत सभी सातों विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सड़क और रेलवे ट्रैक पर प्रदर्शन करते दिखे। पटना में राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। राहुल गांधी का कहना है कि यह गरीबों का हक छीनने की साजिश है। नवादा में तेजस्वी यादव ने कहा, ये लोग आपके अधिकारी को छीनना चाहते है। ये गरीबों का नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश है। अगर आपका नाम लिस्ट में नहीं आया तो ये कहेंगे कि आप इस देश के नागरिक नहीं है।
वोटर लिस्ट को लेकर आखिर हंगामा क्यों?
बिहार में मतदाता सूची की समीक्षा को लेकर बवाल मचा है। विपक्षी दलों का कहना है कि इसके जरिए कुछ खास वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।इसके विरोध में बुधवार को बिहार बंद का एलान हुआ।

वोटर कार्ड के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं!
30 सितंबर, 2025 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। जिसकी कापी सभी पार्टियों को मुफ्त में दी जाएगी और यह ऑनलाइन भी उपलब्ध रहेगी। पहली अगस्त से भारत में मतदाता बनने के लिए केवल आधार कार्ड देना काफी नहीं होगा। पहले फॉर्म-6 भरने के साथ आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करने से वोटर लिस्ट में नाम जुट जाता था, लेकिन अब एसआईआर में मांगे जाने वाले घोषणा पत्र के साथ चिह्नित 11 दस्तावेज में से कोई एक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा।

आखिर क्या होगा सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई आज होनी है ऐसे में सवाल यह कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसके पक्ष में होगा। सभी की निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है। यह फैसला न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के वोटर लिस्ट के वेरिफिकेश को प्रभावित करेगा। क्या वोटर वेरिफिकेशन पर रोक लगेगा या आयोग को और सख्ती अपनाने का आदेश मिलेगा।इन सब का जवाब आज की सुनवाई में मिलेगा।

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