कामना कासोटिया भोपाल: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कर्नाटक और महाराष्ट्र में लाखों वोटों में गड़बड़ी हुई है और इसके पीछे भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत है। राहुल ने कहा, “देश के लोकतंत्र पर हमला हो रहा है। हमने सबूतों के साथ यह मामला उठाया है।
क्या है कांग्रेस का दावा?
कांग्रेस का कहना है कि, उन्होंने एक स्टडी के जरिए यह पता लगाया है कि किस तरह से अलग-अलग तरीकों से फर्जी वोटर बनाए गए और वोटिंग प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। कांग्रेस ने पांच तरीकों से हुए ‘वोट चोरी’ के केस सामने रखे:
1. डुप्लिकेट वोटर – एक व्यक्ति, कई वोटकांग्रेस ने दावा किया कि ऐसे 11,965 मामले सामने आए हैं जिनमें एक ही व्यक्ति का नाम कई बार वोटर लिस्ट में है।
2. एक ही पते पर अनगिनत वोटरकई जगहों पर एक ही घर के पते पर 40-40 से ज्यादा वोटर रजिस्टर्ड थे।
3. फॉर्म-6 का गलत इस्तेमालफॉर्म-6 का उपयोग नया वोटर बनने के लिए होता है, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि इसे गलत तरीके से भरकर फर्जी नाम जोड़े गए।
4. फर्जी और आयातित पतेकरीब 40,000 ऐसे वोटर सामने आए जो दूसरे राज्यों से लाए गए और जिनके पते फर्जी या अस्थायी हैं।
5. जाली फोटो4,132 वोटरों के नाम पर जाली या एक जैसी तस्वीरें इस्तेमाल की गईं। कहीं एक ही फोटो 5 बार अलग-अलग नामों के साथ दिखी।
राहुल गांधी बोले – “लोकतंत्र खतरे में है” राहुल गांधी ने कहा कि यह सिर्फ तकनीकी गड़बड़ी नहीं है, बल्कि सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि, भाजपा चुनाव जीतने के लिए लोकतंत्र की आत्मा को कुचल रही है। यह साफ है कि चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से वोट चोरी हो रही है। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
भाजपा का जवाब – यह कांग्रेस की हार का बहाना”भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस हार की बौखलाहट में ऐसी बातें कर रहे हैं। भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए और हार की जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।विवाद बढ़ा, चुनाव आयोग से जांच की मांग कांग्रेस ने यह डेटा चुनाव आयोग को सौंपा है और जांच की मांग की है।
पार्टी ने कहा कि, अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। वोटिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह के आरोप लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
