रोहित रजक, भोपाल। भोपाल एयरपोर्ट पर अब यात्रियों की पहचान उनके चेहरे से होगी। आधार कार्ड या टिकट दिखाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजी यात्रा सुविधा का ट्रायल सफल रहा है और जल्द इसकी शुरुआत की जाएगी।
क्या है डिजी यात्रा सिस्टम ?
डिजी यात्रा एक डिजिटल तकनीक है जिसमें यात्री का चेहरा स्कैन कर उसकी पहचान की जाती है। इस प्रक्रिया में यात्री को कोई आईडी कार्ड या टिकट दिखाने की जरूरत नहीं होती है,जैसे ही यात्री एयरपोर्ट के गेट पर पहुंचेगा, उसका चेहरा स्कैन होगा और पहचान कन्फर्म होते ही गेट खुल जाएगा,यह पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और तेज होगी।
भोपाल एयरपोर्ट पर कहां तक पहुंचा काम ?
दिल्ली से आई तकनीकी टीम ने सोमवार को भोपाल एयरपोर्ट का दौरा किया, डिजी यात्रा सिस्टम का ट्रायल किया गया जो पूरी तरह सफल रहा,सिस्टम की जांच, सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी पहलुओं को देखा गया,स्थानीय अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों ने भी पूरी प्रक्रिया में भाग लिया।
कब से मिल सकती है यह सुविधा ?
ट्रायल सफल होने के बाद अब अंतिम अनुमति दिल्ली से मिलनी बाकी है,अनुमान है कि 15 अगस्त 2025 तक यह सुविधा भोपाल एयरपोर्ट पर शुरू कर दी जाएगी,इसके बाद यात्री चेहरा दिखाकर ही एयरपोर्ट में प्रवेश कर सकेंगे।
क्या होंगे फायदे ?
यात्रियों को लंबी लाइनों से मुक्ति मिलेगी,टिकट और आईडी ले जाने की झंझट खत्म होगी,सुरक्षा जांच आसान और तेज हो जाएगी,एयरपोर्ट पर भीड़ कम होगी और व्यवस्था स्मार्ट बनेगी।,पेपरलेस प्रक्रिया से पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
यात्रियों को क्या करना होगा ?
यात्री को “डिजी यात्रा ऐप” पर खुद को रजिस्टर करना होगा,पहचान से जुड़ी जानकारी जैसे नाम, मोबाइल नंबर और चेहरा (फोटो) ऐप पर अपलोड करनी होगी,एक बार पंजीकरण हो जाने पर अगली यात्राओं में केवल चेहरा ही पहचान बनेगा।
किस तरह हुआ ट्रायल ?
एयरपोर्ट पर सभी जरूरी विभागों के अधिकारी ट्रायल में शामिल हुए,गेट, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग प्रक्रिया को डिजी यात्रा सिस्टम से जोड़ा गया,तकनीकी उपकरण जैसे कैमरे, सर्वर और डेटा सिस्टम को लाइव टेस्ट किया गया,ट्रायल के दौरान यात्री की तरह टीम ने प्रवेश प्रक्रिया दोहराई, जो पूरी तरह सफल रही।
