रोहित रजक, भोपाल | प्रदेश के सर्किट हाउस और रेस्ट हाउस में अब विधायकों और सांसदों को रुकने के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सभी कलेक्टरों और संभागायुक्तों को आदेश जारी कर दिए हैं।
क्या है नया आदेश ?
अब जब भी कोई विधायक या सांसद सर्किट हाउस या रेस्ट हाउस में ठहरने के लिए आवेदन करेगा, तो उसे अन्य लोगों की तुलना में पहले कमरा मिलेगा। अगर कमरे उपलब्ध नहीं हैं, तो उन्हें यह जानकारी पहले ही दे दी जाएगी।
क्यों लिया गया यह फैसला ?
पिछले कुछ महीनों में कई विधायकों और सांसदों ने यह शिकायत की थी कि जब वे किसी सरकारी दौरे पर आते हैं, तो उन्हें रुकने के लिए सरकारी गेस्ट हाउस में कमरे नहीं मिलते। आम लोगों को पहले कमरा दे दिया जाता है, जिससे उन्हें असुविधा होती है। इसके बाद सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और तय किया कि अब सभी सर्किट हाउस और रेस्ट हाउस में विधायकों और सांसदों को प्रोटोकॉल के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रोटोकॉल के अनुसार मिलेंगे कमरे
विधायक और सांसद सरकारी प्रोटोकॉल के तहत विशिष्ट व्यक्ति होते हैं, इसलिए उन्हें कमरा देना प्राथमिकता मानी जाएगी। यदि वे पहले से सूचना देकर बुकिंग करवाते हैं, तो संबंधित प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि उनके लिए व्यवस्था सुनिश्चित करें।
सभी विभागों पर लागू होगा आदेश
यह आदेश न केवल सामान्य प्रशासन विभाग पर, बल्कि पर्यटन, लोक निर्माण, वन विभाग आदि जिनके पास गेस्ट हाउस की जिम्मेदारी है, उन सभी पर लागू होगा। यदि कोई विभाग इस आदेश की अनदेखी करता है, तो उसकी जवाबदेही तय की जाएगी।
जिम्मेदारी कलेक्टर और सीईओ की
इस व्यवस्था को सही ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी कलेक्टर और जिला पंचायत के सीईओ पर होगी। यदि किसी जिले में शिकायत आती है, तो सीधे इन अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बातें
- विधायक और सांसदों को अब सर्किट हाउस/रेस्ट हाउस में प्राथमिकता मिलेगी।
- कमरे की बुकिंग में उनका नाम पहले आएगा।
- सभी कलेक्टरों और संभागीय अधिकारियों को आदेश जारी।
- प्रोटोकॉल के तहत विशेष दर्जा मिलने से सुविधा बढ़ेगी।
- आदेश का पालन नहीं होने पर होगी कार्रवाई।
- इस आदेश से विधायकों और सांसदों को काफी राहत मिलेगी। अब उन्हें ठहरने की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा, साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था भी अधिक पारदर्शी और जिम्मेदार बनेगी।
