रोहित रजक, भोपाल। राजधानी के हमीदिया अस्पताल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को सस्ती, सुलभ, सुरक्षित और गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
इसके लिए राज्य में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर नए मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोले जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बेहतर और सस्ता इलाज मिल सके।

नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 6 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल रहा है। आयुष्मान योजना के तहत हर व्यक्ति को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है।
अब सरकार इस योजना का और विस्तार कर रही है ताकि कोई भी गरीब इलाज के अभाव में जान न गंवाए।उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए सरकार आधुनिक उपकरणों से लैस अस्पताल बना रही है। सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी अत्याधुनिक जांच मशीनें अब सरकारी अस्पतालों में भी लगाई जा रही हैं। इससे आम नागरिकों को महंगे टेस्ट कराने के लिए प्राइवेट सेंटर नहीं जाना पड़ेगा।
पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोले जाएंगे। इससे निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और आम जनता को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं कम दाम में मिल सकेंगी। साथ ही, इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या भी बढ़ेगी जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में भी इलाज की सुविधा मजबूत होगी।उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करना चाहती है और इसके लिए विशेष बजट का प्रावधान किया गया है।
कई नए अस्पतालों का निर्माण और पुराने अस्पतालों का नवीनीकरण किया जा रहा है।राहवीर योजना के तहत मददगारों को मिलेगा सम्मानराज्य सरकार ने “राहवीर योजना” की शुरुआत की है।
सरकार 25 हजार रुपये का देगी पुरस्कार
इस योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को यदि कोई आम नागरिक अस्पताल पहुंचाता है, तो सरकार उसे 25 हजार रुपये का पुरस्कार देगी। यह योजना लोगों को प्रेरित करेगी कि वे ज़रूरतमंदों की मदद करें और समय पर इलाज दिलवाएं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा :
किसी भी हादसे के बाद पहला एक घंटा ‘गोल्डन ऑवर’ होता है। यदि इस समय में मरीज को इलाज मिल जाए तो उसकी जान बच सकती है। इसी सोच के साथ राहवीर योजना शुरू की गई है। इससे लोग बिना डरे मदद कर सकेंगे और मानवता को बढ़ावा मिलेगा।
आधुनिक सुविधाएं और उपकरण :
राज्य के अस्पतालों में अब नए-नए उपकरण लगाए जा रहे हैं जैसे डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी मशीन, ब्लड एनालाइजर, वेंटिलेटर आदि। इससे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा और समय की भी बचत होगी। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन अब हमीदिया अस्पताल में उपलब्ध हैं, जिससे यहां इलाज करवा रहे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े इसलिए अस्पतालों में जांच प्रक्रिया को तेज किया जा रहा है। सभी सरकारी अस्पतालों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है ताकि मरीजों की फाइलें, टेस्ट रिपोर्ट और दवाइयों की जानकारी एक जगह उपलब्ध हो सके।
अंगदान और देहदान करने वालों का होगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जो लोग अंगदान या देहदान करते हैं, उन्हें राज्य सरकार विशेष रूप से सम्मानित करेगी। उन्होंने कहा कि यह एक महान कार्य है जिससे कई लोगों को जीवनदान मिलता है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बताया
प्रदेश में 2,575 लोगों ने अंगदान और 1,357 लोगों ने देहदान किया है। यह संख्या बढ़ रही है और सरकार इसके लिए विशेष अभियान चला रही है। जिन लोगों ने अंगदान किया है, उनके नाम अस्पतालों में सम्मान पट्टिका पर दर्ज किए जाएंगे। सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और आम नागरिकों की पहुंच में लाने के लिए बड़े स्तर पर काम कर रही है। पीपीपी मॉडल के तहत अस्पताल खोलने, आधुनिक उपकरण लगाने, राहवीर योजना और अंगदान को बढ़ावा देने जैसे कदम इस दिशा में सकारात्मक पहल हैं। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि लोगों की जान भी समय पर बचाई जा सकेगी।
