शिवानी यादव।दिल्ली: वीडियो प्लेटफ़ॉर्म यूट्यूब ने आज अपने YouTube Partner Program में बड़े बदलाव लागू किए हैं। अब प्लेटफ़ॉर्म पर केवल असली, मौलिक और ऑथेंटिक कंटेंट ही कमाई के योग्य माने जाएंगे। AI-जनित, टेम्प्लेट-आधारित और एक जैसे वीडियो जिन्हें पर्याप्त मानव टच नहीं मिला, उन्हें मॉनेटाइजेशन से बाहर रखा जाएगा।

नए नियमों का परिचय

यूट्यूब ने “Repetitious Content” नीति का नाम बदलकर “Inauthentic Content” कर दिया है। पुराने नियमों के तहत दोहराए गए वीडियो पर कार्रवाई होती थी, लेकिन नए बदलाव में AI-जनित वॉयसओवर, स्टॉक फुटेज का यथावत उपयोग और बिना कस्टमाइजेशन वाले स्लाइडशो या सूचीबद्ध वीडियो भी सीधे निशाने पर आए हैं। इसका मकसद क्रिएटर्स को प्रेरित करना है कि वे सिर्फ़ मशीन पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने कंटेंट में रचनात्मकता और व्यक्तिगत दृष्टिकोण शामिल करें।

किस तरह के वीडियो होंगे अयोग्य?

स्वचालित AI वॉयसओवर: ऐसे वीडियो जिनमें पूरी तरह टेक्स्ट-टू-स्पीच या सिंथेटिक वॉयस का इस्तेमाल हुआ हो और उसमें इंसानी टच न हो।

टेम्पलेट-आधारित लिस्ट: टॉप ‑10 तथ्य”, 5 तरीके जैसे स्लाइडशो या सूचीबद्ध वीडियो जो एक ही फॉर्मैट में बार-बार बनाए गए हों।

स्टॉक फुटेज पर आधारित मास-प्रोडक्शन: बिना अनूठी एडिटिंग या लोकलाइजेशन के डाउनलोड किए गए फुटेज का रीकप या रिपैकेजिंग।

दोहराव वाले क्लिप्स: लंबे समय तक एक जैसे दृश्य या कथानक को बार-बार फिर से प्रयोग करना।
इन सभी श्रेणियों के वीडियो पर अब एडसेंस या चैनल सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई बंद हो सकती है।

किन चैनलों को नहीं होगा नुकसान?

रिएक्शन या कमेंट्री वीडियो: बशर्ते उनमें क्रिएटर की अपनी राय, कट-एंड-पेस्ट एडिटिंग और अतिरिक्त इनपुट हो।

कलात्मक शॉर्ट फिल्में और डॉक्युमेंट्री: जहाँ पूरी एडिटिंग, स्क्रिप्ट और वॉयसओवर क्रिएटर ने खुद तैयार किया हो।

AI-सहायता वाले प्रोजेक्ट: यदि AI का इस्तेमाल स्क्रिप्ट राइटिंग या आईडिया जेनरेशन तक सीमित रहकर मूल कंटेंट क्रिएटर द्वारा ही रिकार्ड किया गया हो।

यूट्यूब ने स्पष्ट किया है कि अगर वीडियो में इंसानी योगदान और रचनात्मकता दिखती है, तो वह मॉनेटाइजेशन के लिए सुरक्षित रहेगा।

क्रिएटर्स के लिए सुझाव

अपनी आवाज़ शामिल करें: AI-स्क्रिप्ट हो सकती है, लेकिन अपनी वॉयस या चेहरे से वीडियो रिकॉर्ड करें।

क्रिएटिव एडिटिंग अपनाएँ: ग्राफिक्स, एनिमेशन, म्यूजिक और लाइव-एक्शन कट्स जोड़ें।

पुराने कंटेंट की समीक्षा करें: रिपीटिव या टेम्पलेटेड वीडियो पर नया ट्विस्ट डालकर दोबारा अपलोड करें।

अपील का विकल्प भी होगा आपके पास, अगर आपका वीडियो गलती से फ्लैग हो जाए, तो यूट्यूब के अपील फॉर्म के माध्यम से पुनः मूल्यांकन के लिए अनुरोध कर सकते हैं।

मौजूदा पात्रता शर्तें रहेंगी पहले जैसी

मॉनेटाइजेशन के लिए अब भी आपको 1,000 सब्सक्राइबर और पिछले 12 महीनों में 4,000 घंटे वॉचटाइम, या 90 दिनों में 10 मिलियन शॉर्ट्स व्यूज़ हासिल करने होंगे। योग्यता शर्तों में कोई बदलाव नहीं आया है, लेकिन कंटेंट की गुणवत्ता और मौलिकता का महत्व बढ़ गया है।
यूट्यूब का यह कदम प्लेटफ़ॉर्म पर टिकाऊ और विविध कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। AI-टूल्स के जमाने में भी क्रिएटर्स को अपने व्यक्तिगत दृष्टिकोण, रचनात्मकता और इंसानी स्पर्श बनाए रखना होगा। जो चैनल अपने असली हस्‍ताक्षर को दिखाएंगे, वे आगे भी सफलतापूर्वक पैसा कमा सकेंगे।

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