कामना कासोटिया भोपाल: मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया, जब एअर इंडिया की फ्लाइट AI2744 लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गई। यह विमान कोच्चि से मुंबई आ रहा था और लैंडिंग के समय तेज बारिश के कारण रनवे पर फिसलन होने की वजह से यह अपने निर्धारित मार्ग से हटकर करीब 16 से 17 मीटर तक फिसल गया।इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को गंभीर चोट नहीं आई है, लेकिन विमान को नुकसान हुआ है और रनवे भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है।
मुंबई एयरपोर्ट पर हादसा: कोच्चि से आ रहा एअर इंडिया का विमान रनवे से फिसला, तीन टायर फटे
हादसे के बाद मुंबई एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए विमानों की आवाजाही प्रभावित रही।लैंडिंग के दौरान फिसला विमानएअर इंडिया की फ्लाइट AI2744 सुबह लगभग 9:12 बजे कोच्चि से मुंबई पहुंची। उस समय मुंबई में भारी बारिश हो रही थी। मौसम विभाग पहले ही चेतावनी दे चुका था कि मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में अगले 48 घंटे तक मूसलाधार बारिश हो सकती है।विमान ने जैसे ही रनवे पर लैंड किया, तेज बारिश और पानी जमा होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलते हुए रनवे से बाहर चला गया।
अधिकारियों के अनुसार, विमान रनवे से करीब 16-17 मीटर दूर घास के मैदान में पहुंच गया।तीन टायर फटे, तकनीकी जांच शुरूविमान के रनवे से फिसलने के दौरान तीन टायरों के फटने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा विमान के अंडरकैरेज (नीचे का ढांचा) और इंजन के पास भी हल्का नुकसान हुआ है। हादसे के तुरंत बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के पीछे केवल मौसम जिम्मेदार था या कोई तकनीकी गड़बड़ी भी थी।
130 यात्री थे सवार, कोई हताहत नहींइस विमान में कुल 130 यात्री सवार थे, जिनमें से कोई भी घायल नहीं हुआ है। कुछ यात्रियों को हल्की घबराहट और मानसिक तनाव की शिकायत हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा है कि सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है और उन्हें हर संभव सहायता दी जा रही है।
भारी बारिश बनी हादसे की वजह मौसम विभाग ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि मुंबई में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। रविवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है, जिससे एयरपोर्ट के रनवे पर पानी जमा हो गया था। यही पानी विमान के फिसलने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हालात में लैंडिंग बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाती है। पायलट को अधिक सतर्क रहना पड़ता है और विमान कंपनियों को भी मौसम की स्थिति के अनुसार उड़ानों को लेकर निर्णय लेना चाहिए।एअर इंडिया का बयानएअर इंडिया ने इस हादसे पर खेद जताया है और कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया, “हम इस घटना की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और डीजीसीए के साथ मिलकर सभी तथ्यों का मूल्यांकन करेंगे। हमारी तकनीकी टीम विमान की पूरी जांच कर रही है।
”यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि मानसून के मौसम में विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। मुंबई जैसा व्यस्त एयरपोर्ट जहां हर दिन सैकड़ों उड़ानें होती हैं, वहां मौसम के प्रभावों को ध्यान में रखकर बेहतर प्रबंधन की जरूरत है।सौभाग्य से इस बार कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। डीजीसीए की रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस हादसे के पीछे क्या असली कारण था। तब तक यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी संबंधित एजेंसियों को सतर्क रहना होगा।
