
रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब पुराने विधायकों के छोटे आवासों को तोड़कर नई और भव्य इमारतें बनाने जा रही है।
यह बदलाव करीब 75 साल पुराने विधान सभा विश्राम गृह को तोड़कर किया जाएगा, जिसकी जगह अब 10 मंजिला नया भवन बनेगा। इस इमारत में कुल 56 आलीशान फ्लैट होंगे, जिनमें हर सुविधा उपलब्ध रहेगी।
पुराने विश्राम गृह का होगा पुनर्निर्माण
राजधानी भोपाल के पॉश इलाके में बने पुराने विश्राम गृह की स्थिति अब जर्जर हो चुकी है। लगभग सात दशक पुराने इस भवन में कई कमियां थीं – ना तो पर्याप्त जगह थी और ना ही आधुनिक सुविधाएं।
इसलिए सरकार ने निर्णय लिया है कि इस पुरानी इमारत को तोड़कर यहां नया, हाईटेक भवन बनाया जाएगा। इसमें कुल 56 फ्लैट बनाए जाएंगे और हर फ्लैट करीब 3000 स्क्वायर फीट का होगा।
क्या-क्या सुविधाएं होंगी नए भवन में?
नई योजना के मुताबिक, इस बहुमंजिला इमारत में निम्नलिखित सुविधाएं दी जाएंगी:
अत्याधुनिक मीडिया हॉल
स्वीमिंग पूल
होटल जैसी सुविधाएं
गार्डन और लिफ्ट
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और सिक्योरिटी गार्ड्स
इसके अलावा हर फ्लैट में एक ड्राइंग रूम, दो बेडरूम, एक स्टडी रूम, किचन, बालकनी और अटैच बाथरूम होंगे। यह आवास पूरी तरह वातानुकूलित और लक्ज़री सुविधाओं से युक्त होंगे।
21 जून को मुख्यमंत्री रखेंगे नींव पत्थर
इस योजना की आधारशिला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 21 जून को रखेंगे। इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष और कई वरिष्ठ मंत्री भी शामिल रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य इस साल के अंत तक शुरू हो जाएगा और अगले दो वर्षों में पूरा कर लिया जाएगा।
राज्य सरकार क्यों कर रही है यह बदलाव?
इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा यह है कि विधायकों को आरामदायक और सुरक्षित आवास मिल सके। कई विधायक जब राजधानी में विधानसभा सत्र के लिए आते हैं, तो उन्हें ठहरने में परेशानी होती है। पुराने आवास छोटे और सीमित सुविधाओं वाले थे, जिससे कई बार शिकायतें भी सामने आती थीं।
क्या हुआ विपक्ष की प्रतिक्रिया?
विपक्ष ने इस फैसले की आलोचना की है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जब राज्य में आम जनता बिजली-पानी और सड़क जैसी समस्याओं से जूझ रही है, तब सरकार विधायकों के लिए आलिशान फ्लैट बना रही है। उनका कहना है कि सरकार को पहले जनता की मूलभूत जरूरतों पर ध्यान देना चाहिए।
जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहां कुछ लोग इस फैसले को विधायकों की जरूरत बता रहे हैं, वहीं कई लोगों का मानना है कि यह जनता के पैसे का दुरुपयोग है। उनका कहना है कि जब शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों की हालत खस्ता है, तो ऐसे फ्लैटों की क्या आवश्यकता?
राजधानी भोपाल में बनने जा रहे यह नए विधायक विश्राम गृह भले ही आधुनिकता की मिसाल हों, लेकिन इस पर उठते सवाल भी कम नहीं हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि यह योजना समय पर पूरी होती है या नहीं, और इसका राजनीतिक और सामाजिक असर क्या पड़ता है।
