भोपाल | रिपोर्ट: रोहित रजक : राजधानी भोपाल में नगर निगम परिषद की अगली बैठक को लेकर एक बार फिर राजनीतिक माहौल गरमाने लगा है।

नगर निगम के आईएसबीटी परिसर स्थित सभागार में होने वाली यह बैठक कई अहम मुद्दों को लेकर चर्चा में है। बैठक से पहले ही साफ हो गया है कि इस बार विपक्ष पूरी तैयारी के साथ सत्तापक्ष को घेरने के लिए तैयार है।

मुख्य मुद्दा है – जलभराव और जर्जर सड़कों की स्थिति। बीते दिनों भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव और बदहाल सड़कों ने जनता को खूब परेशान किया।

इन मुद्दों को विपक्ष परिषद में जोरदार ढंग से उठाने जा रहा है। नामकरण को लेकर विवादनगर निगम ने जो एजेंडा जारी किया है, उसमें कई स्थानों और चौराहों के नाम बदलने के प्रस्ताव शामिल हैं।

जैसे:ओल्ड अशोका गार्डन का नाम बदलकर राम बाग करने का प्रस्ताव विवेकानंद पार्क के पास स्थित चौराहे को विवेकानंद चौक नाम देने की तैयारी इसके अलावा कई चौराहों और घाटों के नाम बदलने के प्रस्तावों को भी एजेंडे में रखा गया है। यह निर्णय सत्तापक्ष की ओर से लिया गया है, जिसे विपक्ष राजनीति से प्रेरित मान रहा है।

नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का तीखा बयान:

नगर निगम की परिषद में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने इस मुद्दे पर सत्तापक्ष को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा:> “जब शहर की सड़कों की हालत खराब है, बारिश में जलभराव से लोग परेशान हैं, सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है — तब नाम बदलने की राजनीति करना जनता का अपमान है।

“शबिस्ता जकी ने यह भी कहा कि नगर निगम की यह बैठक तीन महीने बाद हो रही है और उसमें भी जनता की मूलभूत समस्याओं को दरकिनार कर सिर्फ नामकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।

निगम कर्मचारियों की भी हालत खराब शबिस्ता जकी ने नगर निगम के कर्मचारियों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे वे लगातार असंतोष में हैं। उन्होंने परिषद से मांग की कि कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए ठोस निर्णय लिए जाएं।

इन प्रस्तावों पर होगी चर्चा:

1. नाम परिवर्तन के प्रस्तावअशोका गार्डन → राम बागविवेकानंद पार्क के पास चौराहा → विवेकानंद चौक अन्य घाटों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने पर विचार

2. छह डिज़ाइन कुंड बनाए जाएंगे शहर के विभिन्न इलाकों में कुल 25 करोड़ रुपये की लागत से 6 डिज़ाइन कुंड बनाए जाने का प्रस्ताव धार्मिक आयोजनों, जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से निर्माण

3. बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में ₹4.45 करोड़ का प्रोजेक्टशेड, मॉनिटरिंग टावर, रिटेनिंग वॉल, पाथ-वे, बाउंड्री वॉल, हॉटिकल्चर, ड्रेनेज कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रिफिकेशन और इंडस्ट्रियल गेट जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।

जल संरक्षण को लेकर आधुनिक कुंड नगर निगम परिषद की बैठक में जल संरक्षण के लिए कुछ खास प्रस्ताव भी लाए जा रहे हैं।

इनमें शहर के अलग-अलग इलाकों में आधुनिक कुंडों का निर्माण शामिल है:

नीलबड़ – ₹6.01 करोड़संजीव नगर – ₹4.77 करोड़मल्टीगंज – ₹2.49 करोड़प्रेमपुरा – ₹7.34 करोड़ (सबसे बड़ा प्रस्ताव) इन कुंडों का उपयोग केवल धार्मिक उद्देश्यों के लिए नहीं, बल्कि वर्षा जल संचयन और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी किया जाएगा।

जनता में भी नाराजगी:

शहर के कई नागरिकों ने सोशल मीडिया और स्थानीय मंचों पर नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि सड़कों पर गड्ढे इतने गहरे हैं कि वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।

बारिश के समय कॉलोनियों और बाजारों में जलभराव की समस्या हर साल होती है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं।ट्रैफिक व्यवस्था बेहाल है और सफाई को लेकर जिम्मेदारियां तय नहीं होतीं।

लोगों का कहना है कि नाम बदलने से पहले सरकार को बुनियादी समस्याएं सुलझानी चाहिए।

भोपाल नगर निगम परिषद की यह बैठक राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। जहां सत्तापक्ष विकास योजनाओं और धार्मिक स्थानों के सौंदर्यीकरण की बातें करेगा, वहीं विपक्ष जनता की जमीनी समस्याओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी का स्पष्ट कहना है:

जब जनता को सड़क, पानी, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, तब नामकरण की राजनीति से नगर निगम की प्राथमिकताएं साफ झलकती हैं।

अब देखना होगा कि इस बैठक में वाकई कोई ठोस निर्णय लिए जाते हैं या फिर यह बैठक भी महज औपचारिकता बनकर रह जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *