रोहित रजक, भोपाल।मध्यप्रदेश में बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। भारत निर्वाचन आयोग ने बीएलओ को मिलने वाली मानदेय राशि को बढ़ाने का फैसला किया है। पहले बीएलओ को सालाना 6 हजार रुपये दिए जाते थे, लेकिन अब यह राशि बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दी गई है।
क्यों बढ़ाया गया मानदेय ?
चुनाव आयोग ने यह निर्णय देशभर के बीएलओ को प्रोत्साहित करने और उनके कार्यों का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया है। बीएलओ चुनाव प्रक्रिया की रीढ़ होते हैं। वे मतदाता सूची को अपडेट करने, नए मतदाता जोड़ने, नाम हटाने और सभी जरूरी जानकारियां जुटाने का काम करते हैं। इसके अलावा, मतदाता पहचान पत्र बनवाने और सुधार करवाने का कार्य भी इन्हीं के जिम्मे होता है।
भारत निर्वाचन आयोग के इस आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में भी इसे लागू कर दिया है। इसके तहत अब बीएलओ को सालाना 12 हजार रुपये दिए जाएंगे, यानी हर महीने औसतन 1,000 रुपये मिलेंगे।
आदेश के पीछे की प्रक्रिया
बीएलओ के काम की जिम्मेदारी और मेहनत को देखते हुए लंबे समय से यह मांग उठ रही थी कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए। आयोग ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए देशभर में यह फैसला लिया। इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया और सभी राज्यों को निर्देश दिए गए कि वे इस आदेश को तुरंत लागू करें।
मध्यप्रदेश में भी इस आदेश के तहत बीएलओ और सुपरवाइजर को नई दरों पर भुगतान किया जाएगा। चुनाव से पहले मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या संशोधन का कार्य जोरों पर चल रहा है, ऐसे में बीएलओ की भूमिका और अहम हो जाती है।
सुपरवाइजर को भी मिलेगा फायदा
सिर्फ बीएलओ ही नहीं, बल्कि उनके सुपरवाइजर को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। पहले सुपरवाइजर को भी सीमित राशि ही मिलती थी, लेकिन अब उन्हें भी बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा। इसके तहत एक साल में सुपरवाइजर को भी 12 हजार रुपये मिलेंगे। इससे दोनों स्तरों पर कार्यरत कर्मचारियों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और वे अपने काम को और बेहतर तरीके से कर पाएंगे।
नया सिस्टम कैसे लागू होगा ?
राज्य स्तर पर सभी कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में इस आदेश को लागू करें और बीएलओ-सुपरवाइजर को समय पर राशि का भुगतान हो। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में किसी प्रकार की देरी या समस्या ना हो। इसके लिए एक ऑनलाइन सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है जिसमें सभी बीएलओ और सुपरवाइजर का विवरण अपलोड किया जाएगा और भुगतान सीधे उनके खाते में भेजा जाएगा। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और सरल हो जाएगी।
बीएलओ की भूमिका क्यों है अहम ?
बीएलओ का काम सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं है। वे घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करते हैं, जानकारी जुटाते हैं और मतदाता सूची को अपडेट रखते हैं। इस काम में समय, मेहनत और समझदारी की जरूरत होती है। इसलिए आयोग ने माना कि उनका मेहनताना भी उनके कार्य के अनुरूप होना चाहिए।
भविष्य में और क्या सुधार हो सकते हैं ?
सूत्रों के अनुसार, आयोग भविष्य में बीएलओ को टैबलेट या स्मार्टफोन जैसे उपकरण भी देने की योजना पर विचार कर रहा है ताकि वे अपने काम को और ज्यादा डिजिटल तरीके से कर सकें। इसके अलावा उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था को भी और मजबूत किया जाएगा।
