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भोपाल/ रिपोर्ट रोहित रजक

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू), भोपाल में इन दिनों अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई है। रजिस्ट्रार पद पर दो अधिकारी दावा कर रहे हैं कि वही वैध रजिस्ट्रार हैं। नतीजतन विश्वविद्यालय के अफसर, कर्मचारी और छात्र भी असमंजस में हैं कि आखिर फाइलें किसके पास भेजें और किसका आदेश मानें।

क्या है मामला?

दरअसल, डॉ. मनसूरी का ट्रांसफर आदेश राज्य सरकार ने जारी किया था। इसके तहत उन्हें बीयू से हटाकर जबलपुर भेजा गया था और उनकी जगह नए रजिस्ट्रार की नियुक्ति हुई।

लेकिन डॉ. मनसूरी ने इस ट्रांसफर आदेश को कोर्ट में चुनौती दी और अदालत ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए ट्रांसफर आदेश रद्द कर दिया।

अब स्थिति यह है कि डॉ. मनसूरी फिर से बीयू में रजिस्ट्रार की कुर्सी पर लौट आए हैं और पहले से नियुक्त नए रजिस्ट्रार भी खुद को सही मानते हुए कार्यभार संभाले हुए हैं। दोनों अधिकारी विश्वविद्यालय में सक्रिय हैं और “मैं हूं रजिस्ट्रार” की तर्ज पर अपना-अपना दावा ठोक रहे हैं।

दोनों कुलसचिव निपटा रहे हैं फाइलें

अजीब बात यह है कि दोनों कुलसचिव स्तर के अधिकारी विश्वविद्यालय में मौजूद हैं और फाइलें निपटा रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय के कामकाज में असमंजस और उलझन की स्थिति बन गई है। कर्मचारी भी परेशान हैं कि आखिर किस अधिकारी के आदेश को मानें।

जॉइनिंग से बच रहे अधिकारी

राज्य शासन ने नए रजिस्ट्रार को बीयू में जॉइन कराने का आदेश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने इससे दूरी बना ली। शिक्षा विभाग के अनुसार, अधिकारियों को कोर्ट के आदेश का पालन करना चाहिए। परंतु विभाग ने अभी तक स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं कि इस स्थिति में किसे रजिस्ट्रार माना जाए।

विभाग पर भी उठे सवाल

ट्रांसफर आदेश को लेकर विभाग की प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है। कोर्ट द्वारा आदेश रद्द किए जाने के बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।

छात्रों और कर्मचारियों में भ्रम

इस पूरे विवाद का असर विश्वविद्यालय के सामान्य कामकाज पर भी पड़ रहा है। फाइलों की मंजूरी, छात्रवृत्ति, परीक्षा परिणाम, और प्रशासनिक कामों में देरी हो रही है। छात्र और स्टाफ यह नहीं समझ पा रहे हैं कि किस अधिकारी से काम कराना है।

किसने क्या कहा?

डॉ. मनसूरी (पूर्व रजिस्ट्रार) – “मैंने कोर्ट से ट्रांसफर आदेश को चुनौती दी थी और कोर्ट ने मेरे पक्ष में आदेश पारित किया है। इसलिए मैं ही वैध रजिस्ट्रार हूं।”

नवीन अधिकारी (नव नियुक्त रजिस्ट्रार) – “मुझे शासन द्वारा विधिवत नियुक्त किया गया है। जब तक कोई नया आदेश नहीं आता, मैं कार्य करता रहूंगा।”

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार पद को लेकर चल रही यह जंग सिर्फ एक कुर्सी की नहीं, बल्कि व्यवस्था और प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता की भी है।

जब तक शिक्षा विभाग कोई स्पष्ट आदेश नहीं देता, यह स्थिति और भी भ्रमित करती रहेगी। छात्रों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए जल्द समाधान जरूरी है।

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