रिपोर्ट, काजल जाटव: आतंकवाद एक एसा पहलू है जो देश – दुनिया को झकझोर के रख देता है। 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम इलाके में हुए हमले से हडकंप मच गया। हमला हुआ, तो केवल धर्म के नाम पर, लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मार दी गयी। ये हमला कई मासूमों की जान ले गया और फिर एक बार पाकिस्तान शक के घेरे में आ गया क्योकि पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा के प्रोक्सी द रेसिस्टेंस फ्रंट ने ली थी। 

इस घटना के बाद, भारत सरकार ने ऑपरेशन सिन्दूर के ज़रिये सिर्फ सेना या सुरक्षा के स्तर पर ही नहीं, बल्कि रणनीतिक और डिजिटल संघर्ष के मोर्चे पर जवाब देने के लिए भारत ने दो बड़ी कदम उठाए हैं:

पहला, सिंधु जल समझौते का पुनस्तरीकरण कर पाकिस्तान को मिलने वाले जल का प्रवाह कम करना; और

दूसरा, पाकिस्तान के हाई-प्रोफाइल सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भारत में प्रतिबंध लगा देना।

उठाए गए ये दोनों ही कदम बताते हैं कि भारत आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत रणनीति बनाने में लगा हुआ है। 

सिन्धु जल संधि 

सन 1960 में सिंधु जल संधि के दौरान, भारत ने मुख्य रूप से सिंधु, झेलम और चेनाब जैसी तीन नदियों का पानी पाकिस्तान को दिया। लेकिन जब भी भारत पर आतंकी हमले होते हैं, तो अक्सर सवाल उठता है कि आखिर हम अपने संसाधनों से अपने दुश्मनों को मजबूत क्यों कर रहे हैं? 

उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कह था, “रक्त और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” पहलगाम हमले के बाद ये भावना फिर से जाग चुकी है। अब भारत अपनी वैध भूमिका में झेलम और चेनाब का पानी बिजली बनाने और खेती के लिए इस्तेमाल कर रहा है। स्थिति ये है कि भारत अब रणनीति बनकर पाकिस्तान को मिलने वाले जल को कम कर रहा है, ताकि वहां की आतंकी गतिविधियों को आर्थिक और भौगोलिक मदद ना मिले।

जल संधि निलंबन का प्रभाव यह है कि पाकिस्तान अब गहन जल संकट का सामना कर रहा है क्योकि सिन्धु, झेलम और चिनाब ये तीन नदियां पाकिस्तान की जीवन रेखा के रूप में कार्य करती हैं लेकिन अब ये ही नहीं हैं।

सोशल मीडिया एकाउंट्स पर बैन

पाकिस्तान के सोशल मीडिया खातों पर रोक झट से ही, पहलगाम की घटना के तुरंत बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया खातों को बंद कर दिया। ये अकाउंट्स भारत के खिलाफ गलत जानकारी, भड़काऊ बयान और सांप्रदायिक जहर उगल रहे थे।ये कदम सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने IT अधिनियम की सेक्शन 69A के तहत उठाए गए हैं।

इस नीति के तहत ट्विटर (अब X), इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर मौजूद कई खास अकाउंट्स जिनमे पाकिस्तान के रक्षा विशेषज्ञ, पत्रकार, खिलाड़ी, अभिनेता-अभिनेत्री और राजनितिक हस्तियां शामिल थे, को भारत में ब्लॉक कर दिया गया है। यह कदम इसलिए भी ज़रूरी था क्योंकि सोशल मीडिया अब सिर्फ बातें कहने का जरिया नहीं, बल्कि आज के समय में मनोवैज्ञानिक युद्ध का अहम मंच बन चुका है।  इन माध्यमों से आतंकियों का समर्थन, सेना के खिलाफ फैलाया गया प्रचार और भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिशें हो रही थीं। ये एकाउंट्स केवल तब ही बैन नहीं थे बल्कि आज भी इन एकाउंट्स को भारत में सक्रिय होने की इजाज़त नहीं मिली है। 

बैन किये गए कुछ चुनिंदा नाम यहाँ हैं-

राजनीतिक हस्तियाँ 

  • इमरान खान (पूर्व प्रधानमंत्री)
  • बिलावल भुट्टो (पूर्व विदेश मंत्री)
  • शहबाज़ शरीफ़ (वर्तमान प्रधानमंत्री)
  • ख्वाजा शरीफ़ (पाकिस्तानी रक्षा मंत्री) आदि

अभिनेता और अभिनेत्रियाँ 

  • हानिया आमीर
  • मावरा होकेन
  • फवाद खान
  •  अली ज़फ़र आदि

खिलाड़ी

  • शाहिद अफरीदी
  • बाबर आज़म
  • मोहम्मद रिज़वान 
  • शाहीन शाह अफरीदी 
  • हारिस रऊफ 
  • अरशद नदीम

ऊपर दिए गए नाम केवल कुछ ही हैं, इनके अलावा भी कई इसे नाम हैं जो उस दौरान बैन कर दिए गए हैं। हालाँकि कुछ समय बाद थोड़े वक्त के लिए इनमे से कुछ एकाउंट्स हम देख सकते थे मगर जल्द ही ये एकाउंट्स वापस बैन कर दिए गए और अब तक भारत में बंद ही हैं। इनके सांथ ही कई यूट्यूब चैनल्स भी हैं जो बैन कर दिए गए हैं।

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