
रिपोर्ट रोहित रजक :
देश में स्वच्छता की दिशा में इंदौर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की रिपोर्ट में इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया है। यह लगातार आठवीं बार है जब इंदौर ने यह खिताब अपने नाम किया है। वहीं मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभर में दूसरा स्थान हासिल किया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में इन शहरों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री मोहन यादव, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और भोपाल की महापौर मालती राय मौजूद रहीं।
इस उपलब्धि पर पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है।इंदौर का रिकॉर्डइंदौर की स्वच्छता को लेकर गंभीरता अब देशभर में मिसाल बन गई है। लगातार आठ सालों से इंदौर इस खिताब पर कब्जा जमाए हुए है।
इस बार भी इंदौर ने न सिर्फ सफाई बल्कि जनभागीदारी, कचरा प्रबंधन, गीला-सूखा कचरा अलग करना और डिजिटल रिपोर्टिंग जैसे मामलों में भी अव्वल प्रदर्शन किया है।इंदौर नगर निगम ने कचरा प्रबंधन को वैज्ञानिक तरीके से लागू किया है। वहां हर घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लिया जाता है।
इसके अलावा शहर में कचरे से बिजली और खाद बनाने के प्लांट भी चलाए जा रहे हैं। इन योजनाओं में जनता की भी बड़ी भूमिका रही है।भोपाल की बढ़तभोपाल ने भी इस बार जबरदस्त प्रगति दिखाई है।
राजधानी ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में दूसरा स्थान हासिल किया है। पिछले वर्षों की तुलना में भोपाल ने कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और प्लास्टिक प्रतिबंध जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किए हैं।
मध्यप्रदेश के कुल 8 शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला है।
भोपाल नगर निगम ने कई वार्डों में ‘डोर टू डोर’ कचरा कलेक्शन, जीपीएस ट्रैकिंग वाली गाड़ियां, और वेस्ट से वेल्थ योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया। शहर में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए जगह-जगह अभियान भी चलाए गए।प्रदेश के अन्य शहर भी सम्मानितस्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में मध्यप्रदेश के कुल 8 शहरों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिला है।
इनमें उज्जैन, सिंगरौली, खरगोन, कटनी, बुरहानपुर जैसे शहरों का नाम शामिल है। यह मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बयानमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर और भोपाल की सफलता पर कहा – “यह सिर्फ नगर निगम का नहीं, जनता के सहयोग और संकल्प का परिणाम है।
मध्यप्रदेश स्वच्छता के क्षेत्र में देश का मार्गदर्शन कर रहा है। हम इसे बनाए रखेंगे और आने वाले समय में और भी शहरों को इसमें शामिल करेंगे।
“राष्ट्रपति द्वारा दी गई स्वच्छता श्रेणियां राष्ट्रपति द्वारा जिन श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए गए उनमें शामिल हैं:सबसे स्वच्छ शहर – इंदौर बड़े शहरों की श्रेणी में दूसरा स्थान – भोपाल मिड-साइज शहरों में उज्जैन अव्वल छोटे शहरों में खरगोन को विशेष सम्मान गंगा किनारे बसे शहरों में सिंगरौली अव्वल जनभागीदारी से मिली सफलता स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के पीछे आम लोगों की सहभागिता सबसे बड़ा कारण रही।
इंदौर और भोपाल में लोग न सिर्फ खुद सफाई रखते हैं, बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करते हैं। स्कूलों, कॉलेजों, संस्थाओं और व्यापारिक संगठनों ने भी इस अभियान में भाग लिया।
स्वच्छता क्षण 2024 में इंदौर और भोपाल की ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि जब सरकार, प्रशासन और जनता मिलकर काम करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं होता। अब लक्ष्य है – देशभर के हर शहर को इंदौर और भोपाल जैसा बनाना।
