Ranu Yadav
इन दिनों बारिश का मौसम चल रहा है। देश की राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक और देश के कई अलग-अलग हिस्सों में भी भारी बारिश हो रही है। बारिश के मौसम में लोग चाय, समोसे, पकौड़े आदि चीजों का सेवन करना काफी पसंद करते हैं। वो खुश होते हैं कि अब बारिश का मौसम आ गया है, तो अब गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम अच्छा हो जाएगा। लेकिन हमें ये भी जानना चाहिए कि ये बारिश का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर भी आता है। तापमान में अचानक बदलाव होने से सर्दी-जुकाम और खांसी जैसी दिक्कतें हो जाती हैं, मच्छर पैदा होने लगते हैं, जो डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी के लिए जिम्मेदार होते हैं। यही नहीं अस्थमा के मरीज और फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों को कई तरह की दिक्कतें होती हैं। ऐसे में हर किसी को खुद का ध्यान देना जरूरी है। तो चलिए बताते हैं कि आप अपना ध्यान कैसे रख सकते?


बाहर का खाना ना खाएं!
इस समय बाहर का खाना बिल्कुल भी ना खाएं। इसके अलावा देर तक काट कर रखे गए फल और सब्जियां भी ना खाएं क्योंकि इसमें बैक्टीरिया का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है।मानसून के दौरान जंक फूड बिल्कुल न खाएं क्योंकि इससे बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है।


बारिश के मौसम में क्या खाना चाहिए?
बारिश के मौसम में हल्का, जल्दी पचने वाला और शरीर को ऊर्जा देने वाला भोजन ज़्यादा फायदेमंद होता है।

लौकी, परवल, तुरई जैसी सब्जियां: इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे ये पचने में आसान होती हैं और पेट को ठंडक देती हैं।

तुलसी-अदरक का काढ़ा: यह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और सर्दी-जुकाम से बचाता है।

थोड़ी मात्रा में शहद: कफ को नियंत्रित करता है और एनर्जी देता है।

घी (1-2 चम्मच): पाचन क्रिया को स्टिमुलेट करता है और वात को बैलेंस में रखता है।
मूंग दाल और पुराना चावल: ये दोनों सुपाच्य होते हैं और वात को शांत रखते हैं।

बारिश के मौसम में क्या नही खाए?
उड़द, राजमा, चना: वात को बढ़ाते हैं, जिससे गैस और अपच हो सकती है।

बासी खाना: आम उत्पन्न करता है, जो शरीर में विष की तरह काम करता है।
हरी पत्तेदार सब्ज़ियां: इनमें नमी के कारण कीटाणु जल्दी पनपते हैं।
तला-भुना खाना: अग्नि को धीमा करता है और पाचन को कमजोर बनाता है।
फ्रिज का पानी और बर्फ: वात दोष को बढ़ाता है, जिससे सर्दी और जोड़ों में दर्द हो सकता है।
दही: कफ बढ़ाता है और पाचन को बिगाड़ सकता है।
हेवी नॉनवेज: अपच और गैस की समस्या को बढ़ाता है।

कौन सा योग करना होगा बारिश के फायदेमंद?
भुजंगासन:
भुजंगासन को कोबरा पोज के नाम से भी जाना जाता है। यह आसन पीठ के नीचले हिस्से में होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है। इसे करने के लिए आप सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। अब दोनों हाथों को कंधों के पास रखें और धीरे-धीरे शरीर के ऊपरी भाग को ऊपर उठाएं। गर्दन को पीछे की ओर झुकाएं और छाती खोलें। इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें, फिर धीरे-धीरे वापस आएं।


ताड़ासन:
बारिश के मौसम में आलस्य होना काफी आम होता है। ऐसे में आप हर रोज ताड़ासन कर सकते हैं। इसे करने से शरीर का संतुलन बनता है, साथ ही रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है। इस आसन को करने से पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसे करने के लिए सीधे खड़े होकर दोनों हाथ सिर के ऊपर उठाएं और पंजों पर खड़े होकर खिंचाव बनाएं।
वज्रासन:
वज्रासन करने से पाचन बेहतर होता है। दरअसल, बारिश के मौसम में कई लोगों को डाइजेशन से संबंधित परेशानी होने लगती है। ऐसे में यह आसन काफी कारगर हो सकता है। इस आसन को करने के लिए सबसे पहले घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठ जाएं। पीठ सीधी रखें और हाथ घुटनों पर रखें। अब ध्यानपूर्वक सांस लें और छोड़ें। इस आसन को आप खाने के बाद भी कर सकते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है।
अनुलोम विलोम: श्वसन को ठीक करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *