रिपोर्ट, काजल जाटव: भारतीय पासपोर्ट की ताकत लगातार बढ़ रही है। अब आप बगैर वीजा के 59 देशों की यात्रा कर सकते हैं। हेन्ली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपनी रैंकिंग में अच्छा सुधार किया है और अब 77वें स्थान पर है।
रैंकिंग में सुधर भारत के लिए क्यों अहम?
हर साल ये रैंकिंग दुनिया के पासपोर्ट्स की ताकत को वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल पहुंच के आधार पर दिखाती है। पिछले कुछ महीनों में भारत की स्थिति में काफी बदलाव आया है। पहले जहां भारतीय पासपोर्ट से वीजा-मुक्त देशों की संख्या बहुत कम थी, अब ये बढ़कर 59 हो गई है। ऐसा हो सकता है कि देश की कूटनीति, द्विपक्षीय समझौते और आर्थिक विकास ने इसमें मदद की है।
इस रैंकिंग में कुल 199 पासपोर्ट्स और 227 ट्रैवल डेस्टिनेशन का आकलन किया गया है। जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, फ्रांस, जर्मनी और इटली जैसे देश टॉप पर हैं, जहां से नागरिक 194 से अधिक देशों में वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं। अब भारतीयों के लिए वीजा की जरूरत न होने वाले देशों की बात करें तो, उन्होंने जिन 59 जगहों पर वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा पा ली है, उनमें प्रमुख तौर पर एशिया, कैरेबियन, अफ्रीका और ओशिनिया के देश शामिल हैं। यहाँ कुछ उदाहरण हैं: –
- एशिया: मालदीव, भूटान, नेपाल, इंडोनेशिया
- अफ्रीका: सेनेगल, मॉरीशस, सेशेल्स
- कैरेबियन: बारबाडोस, डोमिनिका, हैती –
- ओशिनिया: फिजी, समोआ, कुक आइलैंड्स
यह सुविधा टूरिस्ट, बिजनेस या शॉर्ट टर्म विजिट के लिए सही है। लेकिन लंबी यात्रा या कामकाज के लिए अब भी वीजा लेना पड़ेगा।
भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए क्यों जरूरी?
विजा-मुक्त यात्रा भारतीयों के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इससे ना सिर्फ विदेश यात्रा आसान होती है, बल्कि ये देश की छवि और आर्थिक स्थिति का भी सुबूत है। ज्यादा देशों में बिना वीजा जाने का मौका मिलने से टूरिज्म, बिजनेस और अध्ययन के मौके तो बढ़ते ही हैं, साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी बढ़ेगा।
भले ही भारत अभी टॉप देशों से पीछे है, मगर यह सुधार अच्छा संकेत है। भारत यदि और देशों के साथ वीजा समझौते करे, तो आने वाले सालों में हमारी रैंकिंग और भी ऊपर जा सकती है। हेनली की रिपोर्ट में भारत का 77वां स्थान और 59 देशों में वीजा-मुक्त यात्रा की संभावनाएं बहुत सकारात्मक कदम है। यह भारत के अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और वैश्विक पकड़ को दिखाता है। अब भारत के यात्रियों के लिए नए मौके, नए अनुभव और नए अवसरों का रास्ता खुल रहा है।
