Ranu Yadav: पटना से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट के पक्षी से टकराने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।दरअसल बुधवार यानी 9 जुलाई को पटना से नई दिल्ली जा रहा इंडिगो का एक विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद अपने बिहार की राजधानी लौट आया। पक्षी से टकराने के बाद पटना एयरपर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस विमान में 169 यात्री सवार थे जिन्हें सुरक्षित उतरा लिया गया। पक्षी से टकराने के कारण तकनीकी समस्याएं आई हैं। फिलहाल विमान की मरम्मत चल रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पटना एयरपोर्ट प्रबंधन के अधिकारी और विमान कंपनी के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल विमान को ठीक करने का प्रयास जारी है। विमान के ठीक होते ही उसे दिल्ली के लिए रवाना कर दिया जाएगा।
आइए जानते है क्या होता है बर्ड स्ट्राइक (बर्ड हिट)?
जब कोई विमान किसी पक्षी से टकरा जाता है,तो उसे बर्ड स्ट्राइक या बर्ड हिट कहते है। यह टक्कर आमतौर पर तब होता है जब विमान उड़ान भर रहा होता है या उतर रहा होता है,क्योंकि पक्षी भी उड़ते है और अक्सर एयरपोर्ट के आसपास ज्यादा पाए जाते है।
बर्ड स्ट्राइक से क्या क्या खतरे हो सकते है?
विंडशील्ड को नुकसान:
कहते है कि पक्षी के टकराने से विंडशील्ड टूट जाते है, जिससे पायलट को बाहर सही से दिखाई नहीं देता और विमान चलाने में दिक्कत होती है।
इंजन को नुकसान:
यदि कोई पक्षी इंजन में प्रवेश कर जाती है , तो यह इंजन के ब्लेड को नुकसान पहुंचा सकती है,जिससे इंजन फेल हो सकता है या आग लग सकती है।
एयरोडायनेमिक को नुकसान:
बर्ड हिट से विमान के एयरोडायनेमिक पर असर पड़ सकता है , जिससे विमान की नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
अन्य नुकसान:
पक्षी विमान के रडार को नुकसान पहुंचा सकती है।
अधिकांश बर्ड स्ट्राइक की घटना इतनी गंभीर नहीं होती है,लेकिन कुछ बड़े पक्षी विमान को नुकसान पहुंचा सकते है जिससे विमान की उड़ान को जारी नहीं रखा जा सकता है।
बर्ड स्ट्राइक से बचाव के लिए उपाय:
हवाई अड्डों पर पक्षियों से बचाव के लिए कही तरह के उपाय किए जाते है,जैसे कि तेज आवाज वाले यंत्रों का प्रयोग करना, लेजर गन का प्रयोग दरअसल लेजर गन से लाइट और साउंड निकलते है जिससे पक्षी डर जाती है और लाउडस्पीकर जिससे लंबी दूरी तक की पक्षियों को भगाने के लिए 20 तरह की आवाज निकालते है जिससे पक्षी डर जाते है।
बता दे कि बर्ड स्ट्राइक एक गंभीर घटना बन सकती सकती है,लेकिन एयरपोर्ट पर कही उपाय किए जाते है ताकि ऐसी घटनाओं को कम किया जा सके।
हर एयरफील्ड पर बर्ड हिट से बचने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। जैसे कि वेजिटेशन नहीं ग्रो करने देते हैं, वक्त वक्त पर साफ करवाते रहते हैं। हर एयरफील्ड में एक ऑर्निथोलॉजी टीम होती है। ये टीम बर्ड के बारे में स्टडी करती है। देखती है कि बर्ड का क्या पैटर्न होता है, वह किस वक्त फ्लाई करते हैं, उनका सारा पैटर्न ये स्टडी करते हैं। एयफील्ड के आसपास कचरा नहीं डालने देते। साथ ही ड्रमर होते हैं वे रनवे के दोनों तरफ घूमकर ड्रम बजाते हैं ताकि बर्ड को भगाया जा सके। रनवे कंट्रोलर हट होती है जिससे टेकऑफ और लैंडिंग का रूट मॉनिटर करते रहते हैं, ताकि लैंडिंग या टेकऑफ के टाइम पर बर्ड हिट ना हो।
आइए जानते है एक छोटी सी पक्षी प्लेन को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
एक रिपोर्ट के अनुसार पक्षी दरअसल उड़ते हुए मांस और हड्डियों का एक बड़ा गोला होता है जिसके आगे का हिस्सा धारदार और नुकीला होता है। और विमान सामान्य रूप से 200 से 900 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ते हैं। ऐसी स्थिति में पक्षी का वजन भले ही केवल एक किलो हो, टकराव की गतिज ऊर्जा बहुत अधिक होती है। उदाहरण के लिए, 300 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ रहे विमान से टकराने वाला 1 किलो का पक्षी लगभग 3400 न्यूटन का बल उत्पन्न कर सकता है, जो एक भारी हथौड़े के प्रहार के बराबर हो सकता है।
इस नुकसान पर विचार करने से पहले जान लें कि एक खाली एयरबस 320 विमान का वजन 40 से 44 हजार किलो होता है. उड़ते वक्त इस विमान का अधिकतम वजन 77000 किलो हो सकता है। इससे विमान को काफी नुकसान हो सकता है। दरअसल यह नुकसान पक्षी के आकार से नहीं, बल्कि उसकी गति और विमान की उच्च गति के संयोजन से होता है।इसके पीछे का कारण है टकराव की गतिज ऊर्जा और आघात का बल।
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