रिपोर्ट रोहित रजक मंदसौर। मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के गृह क्षेत्र मंदसौर में बड़ी कार्रवाई हुई है। यहाँ जिला आबकारी अधिकारी वीरेन्द्र त्यागी के घर और ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापा मारा। यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा बताई जा रही है।

मंदसौर में दबिश

जानकारी के मुताबिक, मंदसौर शहर के विजयगंज क्षेत्र स्थित आबकारी अधिकारी त्यागी के निजी आवास पर ईडी की टीम ने सुबह-सुबह दबिश दी।

अधिकारी के घर के बाहर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया और भीतर घंटों तक तलाशी अभियान चला। बताया जा रहा है कि छापे के दौरान कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

भोपाल और इंदौर में भी छापे

मंदसौर के अलावा भोपाल और इंदौर में भी ईडी और आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ कार्रवाई की। भोपाल में साइंस हाउस के संचालकों पर आयकर विभाग की रेड डाली गई।

यहाँ करीब 20 लॉकरों की तलाशी ली गई और 1 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि राजेश गुप्ता नाम का कारोबारी विदेशों में भी कारोबार करता है और उसके कई बैंक खातों की जांच की जा रही है।

शराब घोटाले से जुड़ी जांच

ईडी की कार्रवाई मध्यप्रदेश में हुए बड़े शराब घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि कई आबकारी अधिकारी और कारोबारी मिलकर शराब कारोबार में गड़बड़ी कर रहे थे। इसी कड़ी में जिला आबकारी अधिकारी त्यागी का नाम सामने आया। ईडी को शक है कि इनके पास बेहिसाब संपत्ति है जो आय से कहीं ज्यादा है।

जब्त दस्तावेज और खाते की जांच

सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं। इनमें संपत्ति से जुड़े कागज, जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े सौदे, और बैंकों के लेन-देन के रिकॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा, त्यागी और उनके परिवार के बैंक खातों की भी जांच शुरू हो गई है। जिन खातों में ज्यादा रकम जमा हुई है, उनका स्रोत तलाशा जा रहा है।

भोपाल में मेडिकल प्रोजेक्ट पर भी कार्रवाई

इधर, भोपाल में साइंस हाउस मेडिकल प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पर भी आयकर विभाग की टीम ने दबिश दी। कंपनी पर फर्जी लेन-देन और टैक्स चोरी का आरोप है। बताया जा रहा है कि कंपनी ने विदेशों में भी कई लेन-देन किए हैं और ईडी अब उन खातों का भी ब्योरा खंगाल रही है।

राजनैतिक हलचल तेज

चूंकि यह मामला उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के क्षेत्र से जुड़ा है, इसलिए इसकी राजनीतिक गूंज भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि सरकार के संरक्षण में ही ऐसे घोटाले संभव हैं। वहीं, सत्तापक्ष इस पर चुप्पी साधे हुए है।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल ईडी और आयकर विभाग की टीमें जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। अगर संपत्ति और आय में बड़ा अंतर पाया जाता है, तो अधिकारी और कारोबारी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


कुल मिलाकर, मंदसौर, इंदौर और भोपाल में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। आबकारी विभाग के अधिकारियों पर लगे आरोपों ने सरकार की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर ईडी और आयकर विभाग की जांच रिपोर्ट पर है।

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