रोहित रजक, भोपाल। नगर निगम में जारी अव्यवस्था और अमर्यादित आचरण को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने शुक्रवार को संभागायुक्त श्री संजीव सिंह से मुलाकात की। उन्होंने नगर निगम अध्यक्ष व भाजपा नेता किशन सूर्यवंशी को हटाने की मांग करते हुए एक लिखित शिकायत सौंपी। कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि हाल ही में आयोजित परिषद बैठक में अध्यक्ष ने आसंदी से अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।
शबिस्ता ज़की ने कहा – अध्यक्ष का व्यवहार असंसदीय और आपत्तिजनक
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस पार्षद शबिस्ता ज़की ने साफ कहा कि अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी का व्यवहार न केवल असंसदीय था बल्कि नगर निगम जैसी संस्था की गरिमा के विपरीत था। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने बैठक के दौरान अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और सम्राट अशोक जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्व के नाम पर आपत्ति जताते हुए “अशोका गार्डन” का नाम बदलने का प्रस्ताव भी रख दिया, जो बेहद आपत्तिजनक है।
नगर निगम की बैठक में हुआ था भारी हंगामा
24 जुलाई को हुई नगर निगम परिषद की बैठक में भाजपा अध्यक्ष सूर्यवंशी के व्यवहार के कारण भारी हंगामा हुआ था। बैठक में विपक्ष के सवालों को नज़रअंदाज़ कर अपमानजनक टिप्पणियाँ की गईं। इसके विरोध में कांग्रेस पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया और अब इस मामले को लेकर संभागायुक्त को शिकायत दी गई है।
संवैधानिक मर्यादा के लिए कांग्रेस पार्षदों की पहल
शिकायत देने पहुंचे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता ज़की के साथ कांग्रेस पार्षद अज़ीज़उद्दीन, प्रवीण सक्सेना, योगेंद्र सिंह चौहान सहित कई पार्षद शामिल थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ शिकायत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं और निगम की गरिमा की रक्षा के लिए उठाया गया कदम है।
शबिस्ता ज़की बनीं सशक्त आवाज़ – कांग्रेस के रुख को मिला समर्थन
इस पूरे मामले में शबिस्ता ज़की एक सशक्त, संवैधानिक और तार्किक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरी हैं। उन्होंने जिस तरह नगर निगम के भीतर शालीनता, गरिमा और संवाद की बात को मजबूती से रखा, उससे यह साफ है कि कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी जनहित और लोकतंत्र की आवाज़ बुलंद कर रही है।
